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सुप्रीम कोर्ट ने की शिवकुमार के खिलाफ ED की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने की शिवकुमार के खिलाफ ED की याचिका खारिज

हाईलाइट

  • शिवकुमार की जमानत के खिलाफ ED की याचिका खारिज
  • सुप्रीम कोर्ट ने ED को भी लगाई फटकार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा शिवकुमार को दी गई जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दायर याचिका को कोर्ट ने आज (शुक्रवार) खारिज कर दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने ED को फटकार भी लगाई है। शिवकुमार की जमानत के खिलाफ दायर की गई याचिका पर कोर्ट ने ED से कहा कि 'आप डीके शिवकुमार केस में पी चिदंबरम वाली दलील पेश कर रहे हैं, जो कॉपी-पेस्ट है और इसमें बदलाव भी नहीं किया गया है।' बता दें कि INX मीडिया केस में भी ED ने कांग्रेस नेता चितंबरम के खिलाफ जमानत न दिए जाने के लिए याचिका दर्ज की थी।

निजी मुचलके पर मिली थी जमानत

कर्नाटक कांग्रेस के नेता शिवकुमार को 23 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें यह आदेश भी दिया था कि वह कोर्ट की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ सकते। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। शिवकुमार 25 अक्टूबर तक ED की न्यायिक हिरासत के चलते तिहाड़ जेल में बंद रहे थे।

प्रतिकार की राजनीति

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने शिवकुमार की गिरफ्तारी को बदले की राजनीति बताया था। उन्होंने कहा था 'डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी बदले की राजनीति का एक और उदाहरण है। ED/CBI का इस्तेमाल करके सरकार चुनिंदा व्यक्तियों को निशाना बना रही है।' बता दें कि INX मीडिया केस में भी ED और CBI, पी चिदंबरम को राहत की सांस नहीं लेने दे रही है। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है।

वहीं अपनी गिरफ्तारी को लेकर डीके शिवकुमार ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा था, 'मैं बीजेपी के दोस्तों को बधाई देता हूं, वो आखिरकार मुझे गिरफ्तार करने के मिशन में कामयाब हो गए। मेरे खिलाफ IT और ED के केस राजनीति से प्रेरित हैं। मैं बीजेपी की बदले की भावना की राजनीति का शिकार हूं।'

क्या है मामला

2 अगस्त, 2017 को बेंगलुरु, कनकपुरा और नई दिल्ली में शिवकुमार के ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद कथित मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया था। इस छापेमारी में 8.5 करोड़ रुपए की अघोषित नकदी जब्त की गई और इसके स्रोत पर कोई सबूत नहीं मिला। इसी आधार पर ED ने पिछले साल सितंबर में शिवकुमार और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

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