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तेजप्रताप ने पहले कहा- राजनीति छोड़ दूंगा, अब बोले- BJP ने FB अकाउंट हैक किया था

July 03rd, 2018 11:56 IST

हाईलाइट

  • आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने राजनीति छोड़ने की धमकी दी हैं।
  • उन्होंने कहा कि मेरा फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था।
  • बीजेपी-आरएसएस ये सब कर रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने राजनीति छोड़ने की धमकी दी हैं। एक फेसबुक पोस्ट में उन्होंने अपना दर्द बयां किया। तेजप्रताप ने लिखा कई बार उन्होंने उनकी मम्मी से पार्टी के नेताओं की शिकायत की लेकिन वो एक भी बात नहीं सुनती हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि इतने प्रेशर में राजनीति हो सकती है क्या? हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि मेरा फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था। बीजेपी-आरएसएस ये सब कर रही है।


परिवार में कलह नहीं, हम एक हैं
तेजप्रताप ने कहा, परिवार में किसी तरह की कलह नहीं है, हम एक है। 2019 के चुनाव में हम लोग बीजेपी-आरएसएस को हराएंगे। वहीं उनसे जब बिहार के महुआ चुनाव क्षेत्र में चाय के चर्चा के आयोजन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, मोदी जी के चाय पर चर्चा का क्या करना है? मोदी जी को चाय कहा नसीब होगी? दूध हम देंगे ही नहीं तो चाय कहा से मिलेगी उनको। बनाते रह जाएंगे चाय।


क्या कहा था तेजप्रताप ने फेसबुक पोस्ट में?
तेजप्रताप ने लिखा था कि जैसा कि आप सभी को मालूम है कि कल मैं अपने विधानसभा क्षेत्र महुआ में टी-पार्टी के जरिए कार्यकर्ताओं की समस्या सुनकर उसे हल करने के लिए महुआ गया था। आपको सुनकर हैरानी होगी कि यहां सभी कार्यकर्ता सिर्फ और सिर्फ एक ही समस्या लेकर आएं। जनना चाहेंगे कि समस्या क्या थी। वो समस्या थी ओम प्रकाश यादव उर्फ भुट्टू और MLC सुबोध राय की शिकायत।


सभी कार्यकर्ताओं का कहना था कि हमें आप से कोई शिकायत नहीं। हम सभी जनते हैं कि आप बहुत अच्छे हैं, लेकिन ओम प्रकाश यादव और सुबोध राय आपके खिलाफ गलत-गलत अफवाह उड़ाकर आपकी छवि को धूमिल कर रहे हैं। ये दोनों आपको पागल और सनकी बताते हैं। इन झूठी अफवाहों से आपका क्षेत्र खराब हो रहा है, इसलिए दोनों आस्तीन के सांपों को अपने क्षेत्र से बाहर कीजिए।

मैंने भी अपने कार्यकर्ताओं से यही कहा कि मैं भी अपने मम्मी-पापा को बहुत बार बता चुका हूं कि ओम प्रकाश यादव और सुबोध राय मेरे बारे में गलत-गलत अफवाह फैलाकर मुझे बदनाम कर मेरी छवि धूमिल कर रहे हैं, लेकिन मेरी मम्मी मेरी एक नहीं सुनती है। अब आप ही बताएं कि क्या इतने प्रेशर में राजनीति हो सकती है क्या? यदि यहीं स्थिति बनी रही तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अब मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

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