दैनिक भास्कर हिंदी: पोंजी घोटाला: इस्लामिक बैंक फ्रॉड मंसूर खान गिरफ्तार, ED कर रही है पूछताछ

July 19th, 2019

हाईलाइट

  • पोंजी घोटाला मामले में IMA के संस्थापक मंसूर खान गिरफ्तार
  • इस्लामिक बैंक के नाम पर हजारों लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप
  • मंसूर खान से ईडी कर रही है पूछताछ

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। आई मॉनिटरी अडवाइजर (IMA) पोंजी घोटाला मामले में IMA के संस्थापक मंसूर खान को शुक्रवार की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। आगे की पूछताछ के लिए उसे दिल्ली के स्थित ED कार्यालय ले जाया गया। ईडी उसे हिरासत में लेकर अब पूछताछ में जुटी है। मंसूर पर इस्लामिक बैंक के नाम पर हजारों लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। पोंजी स्कीम एक तरह की धोखाधड़ी है, जिसमें निवेशकों को लुभाने के लिए नए निवेशकों से लिए गए पैसे पुराने निवेशकों को लाभ के तौर पर दे दिया जाता है। मंसूर खान पर इस्लामिक बैंक के नाम पर हजारों लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। 

 

 

मंसूर खान की हिरासत से पहले स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) चीफ रविकांत गौड़ा ने कहा, 'अपने सूत्रों के माध्यम से एक एसआईटी टीम ने आईएमए के संस्थापक-मालिक मोहम्मद मंसूर खान का दुबई में पता लगाया। इसके साथ ही उससे यह भी कहा गया है कि वह भारत लौट आए और खुद को कानून के हवाले कर दे। उसके मुताबिक, वह दुबई से दिल्ली आ चुका है। एसआईटी के कई अधिकारी उसे गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली में मौजूद है

 

क्या है पूरा मामला 
इस्लामिक बैंक के नाम पर करीब 30 हजार मुस्लिमों को चूना लगाने वाला मोहम्मद मंसूर खान करीब 1500 करोड़ की धोखाधड़ी कर दुबई भाग गया था। लोगों को बड़े रिटर्न का वादा कर उसने एक पोंजी स्कीम चलाई और इस स्कीम का हश्र वही हुआ, जैसा बाकी पोंजी स्कीमों का होता आया है। मैनेजमेंट ग्रैजुएट मंसूर खान ने 2006 में आई मॉनेटरी अडवाइजरी (IMA) के नाम से एक बिजनस की शुरुआत की थी और इनवेस्टर्स को बताया कि यह संस्था बुलियन में निवेश करेगी और निवेशकों को 7-8 प्रतिशत रिटर्न देगी। वह नियमित तौर पर मदरसों और मस्जिदों में दान दिया करता था। निवेश करने वाले हर मुस्लिम शख्स को कुरान भेंट की जाती। शुरुआत में निवेश के बदले रिटर्न आते और बड़े चेक निवेशकों को दिए जाते, जिससे उसकी योजना का और ज्यादा प्रचार हुआ।