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लापरवाही की दो तस्वीरें: बदायूं में मुस्लिम धर्मगुरु के जनाजे में उमड़े 20 हजार लोग, हरिद्वार के गंगा घाट में श्रद्धालुओं ने तोड़ा कोरोना प्रोटोकॉल

लापरवाही की दो तस्वीरें: बदायूं में मुस्लिम धर्मगुरु के जनाजे में उमड़े 20 हजार लोग, हरिद्वार के गंगा घाट में श्रद्धालुओं ने तोड़ा कोरोना प्रोटोकॉल

हाईलाइट

  • देश में सामने आई कोरोना के प्रति लापरवाही की दो तस्वीरें
  • बदायूं में मुस्लिम धर्मगुरु के जनाजे में उमड़े 20 हजार लोग
  • हरिद्वार के गंगा घाट में श्रद्धालुओं ने तोड़ा कोरोना प्रोटोकॉल

डिजिटल डेस्क, हरिद्वार/बदायूं। देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जहां सरकार द्वारा प्रोटोकॉल लागू किया गया है। वहीं, कोरोना से बेखौफ आम लोग उस प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए हैं। देश में ऐसी दो तस्वीरें सामने आई हैं। पहली उत्तर प्रदेश के बदायूं से है, जहां जिला काजी हजरत शेख अब्दुल हमीद मुहम्मद सालिमुल कादरी के इंतकाल में 20 हजार लोगों की भीड़ उमड़ी। वहीं, दूसरी तस्वीर उत्तराखंड के हरिद्वार से सामने आई है। यहां, कोरोना प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए गंगा घाट पर हजारों की संख्या में लोग डुबकी लगाने पहुंचे।

बदायूं में उमड़ी 20 हजार लोगों की भीड़
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में जिला काजी हजरत शेख अब्दुल हमीद मुहम्मद सालिमुल कादरी का इंतकाल हो गया। इसके बाद उनके जनाजे में 15-20 हजार लोग उमड़ पड़े। कोविड प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। कई लोग बिना मास्क के भी थे। हर कोई जनाजे को कंधा देना चाह रहा था। इस दौरान पुलिस भी बेबस नजर आई। सोमवार रात इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश बदायूं एसएसपी ने कहा, बदायूं में धर्मगुरु की शव यात्रा में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान लोगों ने कोरोना नियमों का उल्लंघन किया। इस मामले में हमने धारा 144 और कोविड उल्लंघन के लिए अन्य धाराओं को पंजीकृत किया है। मामले में हम कठोर कार्रवाई करेंगे।। 

गंगा घाट में श्रद्धालुओं ने किया स्नान
देश में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। लेकिन कुछ लोगों को न अपने चिंता है ना ही परिवार की। उत्तराखंड के हरिद्वार में ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला है। जहां हर की पौड़ी कें गंगा घाट में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कोरोना नियमों का उल्लंघन किया। ये लोग यहां गंगा में स्नान करने के लिए पहुंचे थे। हरिद्वार सर्किल ऑफिसर ने बताया, "हर की पौड़ी में जिलाधिकारी के आदेश से लोगों को अभी भी आने की अनुमति है। हम लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कह रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।