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बगावत: संजय निरुपम बोले- दिल्ली के नेताओं को समझ नहीं, बर्बाद हो जाएगी कांग्रेस

बगावत: संजय निरुपम बोले- दिल्ली के नेताओं को समझ नहीं, बर्बाद हो जाएगी कांग्रेस

हाईलाइट

  • पार्टी से नाराज महाराष्ट्र कांग्रेस के संजय निरुपम ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • ऐसा चलता रहा तो लंबे समय तक पार्टी में नहीं रह सकता- संजय निरुपम
  • पार्टी द्वारा खारिज करने से चुनाव प्रचार से खुदको अलग किया
  • पार्टी शीर्ष से उम्मीदवार को टिकट देने के लिए की थी सिफारिश

डिजिटल डेस्क मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे से नाराज कांग्रेस के दिग्गज नेता संजय निरुपम ने पार्टी हाईकमान पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। आज (शुक्रवार) संजय निरुपम ने कहा, मैं पार्टी नहीं छोड़ना चाहता हूं, लेकिन कांग्रेस में ऐसा ही चलता रहा तो मैं लंबे समय तक पार्टी में नहीं रह सकूंगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर सिस्टमैटिक फॉल्ट हो गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इसे जल्द से जल्द ठीक नहीं किया गया तो पार्टी और बर्बाद हो जाएगी, तबाह हो जाएगी।

संजय ने टिकट बंटवारे को लेकर दिल्ली के नेताओं को निशाना बनाते हुए कहा, मैं जिस सीट का जिक्र कर रहा हूं, मेरा मानना है कि पूरी मुंबई में एक मुस्लिम उम्मीदवार होना चाहिए। इसकी वजह है कि मुस्लिम लोग आपको एकमुश्त वोट देते हैं। लेकिन मेरी एक न सुनी गई। किसी जिले में तीन-तीन मुस्लिम उम्मीदवार हैं और कहीं एक भी नहीं। मुझे लगता है दिल्ली के नेताओं में जरा भी समझ नहीं है। इस विश्लेषण को दिल्ली में बैठे लोग समझ नहीं पा रहे हैं। कोई विचार नहीं। जिन्हें टिकट दिया गया है वह 77 साल के हैं। मेरे सीनियर हैं। ठीक से चल-फिर भी नहीं पाते हैं। उन्हें टिकट देने से पहले मुझसे पूछना चाहिए था। दरअसल संजय निरुपम ने एक मुस्लिम उम्मीदवार के लिए टिकट की मांग की थी। जिसे पार्टी ने खारिज कर दिया था। इसी कारण संजय पार्टी से नाराज चल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अपनी पार्टी से नाराजगी व्यक्त करते हुए गुरूवार को बताया था कि वह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार में शामिल नहीं होंगे।

संजय निरुपम ने गुरूवार को अपने ट्वीट में कहा था कि 'ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी अब मेरी सेवाएं नहीं चाहती है। मैंने विधानसभा चुनाव के लिए मुंबई में सिर्फ एक नाम की सिफारिश की थी। सुना है कि इसे भी खारिज कर दिया गया है। जैसा कि मैंने पहले नेतृत्व को बताया था, उस स्थिति में मैं चुनाव प्रचार में भाग नहीं लूंगा। यह मेरा अंतिम निर्णय है।'

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।