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झाबुआ में सच्चाई की जीत, देश भाजपा से निराश : कमलनाथ

October 24th, 2019 19:30 IST
 झाबुआ में सच्चाई की जीत, देश भाजपा से निराश : कमलनाथ

हाईलाइट

  • झाबुआ में सच्चाई की जीत, देश भाजपा से निराश : कमलनाथ

भोपाल, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत को जनता को सच्चाई का मिला साथ बताया है। इसके साथ ही उन्होंने देश के अन्य हिस्सों से आए नतीजों को जनता में भाजपा को लेकर पनपी निराशा की लहर का असर बताया है।

झाबुआ में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया की जीत पर संवाददाताओं से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, झाबुआ की जनता ने सच्चाई का साथ दिया है। भाजपा के राज्य में पिछले 15 सालों तक जनता के साथ धोखा हुआ, उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। इतना ही नहीं जनता ने यह भी पहचाना कि उनका भविष्य किस पार्टी के पास सुरक्षित है। झाबुआ के नतीजे बताते हैं कि जनता भाजपा से निराश है।

झाबुआ के अलावा अन्य राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा के विधानसभा चुनाव और अन्य उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलनाथ ने कहा, न केवल झाबुआ (मध्यप्रदेश) में, बल्कि पूरे देश में जनता के भीतर भाजपा को लेकर निराशा है। कुछ महीने पहले ही लोकसभा का चुनाव हुआ। उसकी तुलना में आज जो परिणाम आए हैं, वे यह स्पष्ट करते हैं कि देश के मतदाता यह अहसास करा रहे हैं कि वे भाजपा के राज-काज से निराश हैं।

उन्होंने आगे कहा, भाजपा ने लोगों की भावनाओं को उभार कर परिणामों को प्रभावित किया, लेकिन जनता यह मान चुकी है कि भाजपा राज में उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। विकास भी संभव नहीं है। आज देश के सामने प्रश्न नौजवानों के भविष्य का है, हमारी बदहाल हो चली अर्थव्यवस्था का है।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, देश का ध्यान मोड़ने की चेष्टाएं भाजपा करती है, उसका पर्दाफाश झाबुआ, महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में हुआ है। कभी राष्ट्रवाद, कभी धारा 370, कभी पाकिस्तान की बात करके लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने का प्रयास किया गया है। मोदी सरकार ने कभी नौजवानों के रोजगार की बात नहीं की, किसानों की बात नहीं की, व्यापारियों के हित के बारे में नहीं सोचा। यह बतलाता है कि वह विकास और लोगों के हित के बजाय उन मुद्दों पर बात कर रही है, जिसमें देश का भविष्य सुरक्षित नहीं है।

देश की अर्थव्यवस्था की चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा, आज देश में मंदी का दौर है, लेकिन मध्यप्रदेश इससे अछूता है। मंदी का बहुत बड़ा कारण है कि लोगों की आशाएं इस सरकार से समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश में ऐसा नहीं है, इसलिए मंदी नहीं है, क्योंकि प्रदेश की जनता कांग्रेस की सरकार से निराश नहीं है। जबकि देश की जनता भाजपा की सरकार से पूरी तरह निराश हो चुकी है। आज देश का पूरा बैंकिंग सिस्टम ठप है। इन सब असफलताओं का अहसास देश की जनता को हो रहा है।

हरियाणा के नतीजों पर अपनी राय जाहिर करते हुए कमलनाथ ने कहा, हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। जनता ने वहां पर भाजपा को रिजेक्ट कर दिया है। उन्हें अपनी यह हार स्वीकार करनी चाहिए। नैतिकिता तो यह कहती है कि भाजपा को कुटिल चाल के जरिए सरकार बनाने का प्रयास भी नहीं करना चाहिए। उन्हें यह स्वीकारना चाहिए कि जनता ने हरियाणा में उन्हें रिजेक्ट कर दिया है। भाजपा जुगाड़ की राजनीति छोड़े।

राज्य के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा, जनता को जो वचन दिया है, इसका जवाब हम जनता को देंगे भाजपा को नहीं। भाजपा ने 15 साल झूठ बोला और आज भी उसकी झूठ बोलने, गुमराह करने और भ्रम फैलाने की राजनीति खत्म नहीं हुई। भाजपा को सच्चाई बोलने की प्रैक्टिस करनी चाहिए।

-- आईएएनएस

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

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आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

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गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

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साथ ही साथ रोहित मेहता ने अपने जैसे युवाओ और start-up को बढ़ावा देने के लिए Indian Gabbar के नाम से एक साइट शुरू किया है। Digital Gabbar सभी उधमी और startup को Indian gabbar के रूप में संबोधित करते हुए उनकी आर्टिकल को बिल्कुल मुफ़्त में साझा कर रहा है।

कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्थान आपनी कहानी प्रकाशित करने के लिए Indian Gabbar से संपर्क करें। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।