दैनिक भास्कर हिंदी: मंत्री हर्षवर्धन ने दी टिप्स - गाजर खाओ और प्रदूषण से राहत पाओ

November 4th, 2019

हाईलाइट

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन सिंह ने लोगों को दी गाजर खाने की सलाह
  • प्रदूषण से होने वाली बिमारियों से बचाता है गाजर : डॉ हर्षवर्धन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्रों में लोगों का सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। जानलेवा प्रदूषण के चलते लोगों को मास्क पहनकर अपने घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन सिंह ने इस हानिकारक प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को हेल्दी टिप्स दी है। हर्षवर्धन ने अपने ट्वीट में लोगों को गाजर खाने की सलाह दी है। उनके मुताबिक गाजर खाने से प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन सिंह ने अपने ट्विटर में एक ग्राफिकल इमेज शेयर की है। इस इमेज के साथ उन्होंने लिखा है कि गाजर खाने से शरीर को विटामिन A, पोटेशियम, और एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त करने में मदद मिलती है। यह सभी रतौंधी से बचाव करते हैं। उन्होंने बताया कि गाजर स्वास्थ्य के लिए प्रदूषण से संबंधित होने वाले अन्य नुकसानों के खिलाफ लड़ने में भी मदद करता है।

दिल्ली में ऑड-ईवन सिस्टम लागू
दिल्ली NCR में प्रदूषण को कम के लिए केजरीवाल सरकार ने अपना पुराना ऑड-ईवन फॉर्मूला सुबह 8 बजे से दोबारा शुरू कर दिया है।  यह फॉर्मूला 15 नवंबर तक के लिए लागू किया गया है। सरकार उम्मीद कर रही है कि इससे सड़कों पर गाड़ियां कम निकलेगी तो धुआं भी कम निकलेगा। इस तरह विषैले प्रभाव से दिल्लीवासियों को कुछ राहत मिल सकती है।

 

 

 

महिलाओं को छूट
महिलाओं को ऑड-ईवन सिस्टम पर छूट दी गई है। कार में सफर कर रही अकेली महिला या बच्चे के साथ जा रही महिलाओं पर नियम लागू नहीं होगा। सरकार ने दोपहिया वाहनों को भी छूट दी है। वहीं रविवार 10 नवंबर को ये नियम लागू नहीं होगा। दूसरे राज्य के वाहन चालक अगर दिल्ली आते हैं तो उनपर भी नियम लागू होगा। 

लगेगा चार हजार जुर्माना
केजरीवाल सरकार ऑड-ईवन के चलते ऑफिसों के समय भी बदल दिए हैं। 20 विभाग सुबह 9.30 से शाम 6 बजे तक खुलेंगे। जबकि कुछ 10.30 से रात 7 बजे तक। वहीं नियम उल्लंघन करने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चार हजार जुर्माना लगेगा। 

चलेंगी अतिरिक्त बसें
ऑड-ईवन से जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए सरकार ने 500 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। वहीं कैब कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजना के दौरान सवारियों से ज्यादा किराया न वसूला जाए।