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देश के 90 प्रतिशत प्रखंडों में पहुंचा RSS, 57 हजार से अधिक शाखाएं

देश के 90 प्रतिशत प्रखंडों में पहुंचा RSS, 57 हजार से अधिक शाखाएं

हाईलाइट

  • देश भर 90 प्रतिशत प्रखंडों में संघ पहुंचा
  • पूरे देश में 57 हजार से अधिक दैनिक शाखाएं चल रहीं हैं
  • छात्र व युवाओं की शाखाओं की संख्या 60 प्रतिशत

भुवनेश्वर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पिछले आठ वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का तेजी से विस्तार हुआ है। अब संघ की पहुंच देश के 90 प्रतिशत प्रखंडों (ब्लॉक) में हो गई है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बुधवार से शुरू हुई तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले संघ ने यह जानकारी सार्वजनिक की है। देश के सभी प्रांतों से लगभग सौ प्रांतस्तरीय अधिकारी संघ की इस प्रमुख बैठक में भाग ले रहे हैं।

संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने बैठक के बारे में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, देश भर के 6000 प्रखंडों में यानी 90 प्रतिशत प्रखंडों में संघ का काम है। देश भर में चलने वाली शाखाओं में से छात्र व युवाओं की शाखाओं की संख्या 60 प्रतिशत है। 20 से 40 साल आयु वर्ग के बीच स्वयंसेवकों की शाखाओं का प्रतिशत 29 प्रतिशत है। 40 साल की आयु से अधिक प्रौढ़ लोगों की शाखाओं की संख्या 11 प्रतिशत है।

मनमोहन वैद्य ने बताया कि भीड़ जुटाना आसान होता है, मगर प्रतिदिन शाखा में लोगों को नियमित वर्षों तक एकत्र करना कठिन होता है। लेकिन संघ की शाखाएं लगातार बढ़ रही हैं। संगठन का विस्तार हो रहा है।

डॉ. वैद्य ने आंकड़ों के जरिए बताया, वर्तमान में पूरे देश में 57,411 दैनिक शाखाएं चल रहीं हैं। जहां दैनिक शाखाएं संभव नहीं हैं, वहां साप्ताहिक मिलन होते हैं। ऐसे 18923 साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं। उन्होंने कहा, वर्ष 2009 में संघ कार्य का विस्तार करने की योजना बनाई गई थी। इस कारण 2010 से ही शाखाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। 2010 के बाद शाखाओं की संख्या में कुल 19 हजार 584 की बढ़ोतरी हुई है। 2010 से 2014 तक लगभग छह हजार शाखाओं की बढ़ोतरी हुई।

मनमोहन वैद्य ने संगठन से जुड़ने के लिए ऑनलाइन आने वाले आवेदनों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2013 में वेबसाइट के जरिए जॉइन आरएसएस के नाम से एक योजना शुरू की थी। इसमें काफी संख्या में लोग जुड़ने के लिए अनुरोध कर रहे हैं। इसमें युवाओं व छात्रों की संख्या सर्वाधिक है। वर्ष 2013 में ही इसके जरिए संघ से जुड़ने के लिए 88,843 अनुरोध प्राप्त हुए थे। 2014 से लेकर 2016 तक औसतन 90 से 95 हजार अनुरोध, 2017 में 1.25 लाख, 2018 में 1.5 लाख और 2019 में सितंबर माह तक 1.3 लाख अनुरोध संघ से जुड़ने के लिए प्राप्त हुए हैं।

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