comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

उप्र : दाढ़ी रखने पर सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई पर मौलवियों ने जताई आपत्ति

October 23rd, 2020 18:13 IST
उप्र : दाढ़ी रखने पर सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई पर मौलवियों ने जताई आपत्ति

हाईलाइट

  • उप्र : दाढ़ी रखने पर सब-इंस्पकेटर के खिलाफ कार्रवाई पर मौलवियों ने जताई आपत्ति

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। दारुल उलूम देवबंद के मौलवियों ने बागपत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने सब-इंस्पेक्टर इंतेसर अली को दाढ़ी रखने पर निलंबित कर दिया।

सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई को गलत करार देते हुए मौलवी एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इत्तेहाद उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा देहलवी ने कहा कि पूर्वाग्रह के आधार पर कार्रवाई की गई है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि सरकार एसपी के खिलाफ कार्रवाई करे।

कुछ अन्य मौलवियों, जिन्होंने नाम न जाहिर की शर्त पर बात की, इन मौलवियों ने भी कहा कि यह कार्रवाई धार्मिक प्रतिशोध का परिणाम है।

बागपत में तैनात सब-इंस्पेक्टर को या तो अपनी दाढ़ी को शेव करने या फिर अपेक्षित अनुमति लेने के लिए कहा गया था क्योंकि पुलिस मैनुअल में सिखों को छोड़कर किसी भी जवान को दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं है।

अली को शेव करने या दाढ़ी रखने की अनुमति लेने के संबंध में तीन बार चेतावनी दी गई थी।

हालांकि, पुलिसकर्मी ने अनुमति नहीं ली और दाढ़ी रखना जारी रखा।

इससे पहले, बागपत के एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि पुलिस मैनुअल के अनुसार, केवल सिखों को दाढ़ी रखने की अनुमति है, जबकि अन्य सभी पुलिसकर्मियों को बिना दाढ़ी के रहना होगा।

एसपी ने कहा, अगर कोई पुलिसकर्मी दाढ़ी रखना चाहता है, तो उसे उसी की अनुमति लेनी होती है। इंतेसर अली से बार-बार अनुमति लेने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसका अनुपालन नहीं किया और बिना अनुमति के दाढ़ी रखनी जारी रखी।

अली पुलिस बल में सब-इंस्पेक्टर के रूप में शामिल हुए और पिछले तीन वर्षों से बागपत में तैनात थे।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने दाढ़ी रखने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

वीएवी-एसकेपी

कमेंट करें
h0xkY
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।