दैनिक भास्कर हिंदी: उन्नाव रेप केस: बीजेपी प्रवक्ता बोलीं, 'अमित शाहजी यूपी को बचा लीजिए, ये कलंक नहीं धुलेंगे'

April 12th, 2018

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगे रेप के आरोप के बाद पार्टी में अंदरखाने ही योगी सरकार के खिलाफ विरोध के सुर उभरने लगे हैं। बीजेपी विधायक पर लगे रेप के आरोप में फैसले लेने में हो रही उदासीनता पर यूपी बीजेपी में प्रवक्ता डॉक्टर दीप्ति भारद्वाज ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से इस बात की शिकायत की है।

दीप्ति ने ट्वीट भी किया, 'आदरणीय भाई अमित शाहजी उत्तर प्रदेश को बचा लीजिए, सरकार के निर्णय शर्मसार कर रहे हैं। ये कलंक नहीं धुलेंगे। आदरणीय भाई नरेंद्र मोदीजी और आपके साथ हम सबके सपने चूर-चूर होंगे।' उन्होंने यह भी लिखा, 'उत्तर प्रदेश में अचानक हुए घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण हैं। संगठन की 2019 की योजना पर पानी फेरने वाले हैं।'

काफी दिनों तक मामले को टालने के बाद बुधवार को इस मामले में एक के बाद एक डेवलेपमेंट सामने आए। मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था और बुधवार को ही टीम पीड़िता के गांव पहुंच गई। इस बीच ये मामला अब इलाहाबाद हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूरी रिपोर्ट मांगी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर जल्द ही सुनवाई हो सकती है।

इस केस में आरोपी बनाए गए कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर बुधवार सुबह डीजीपी ऑफिस पहुंची। उनके साथ विधायक  शैलेंद्र सिंह शैलू भी मौजूद रहे। शैलेंद्र सिंह ने कहा कि वो इस मामले में किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। वहीं कुलदीप सिंह की पत्नी ने अपने पति पर लगे आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने डीजीपी ऑफिस के बाहर रोते हुए कहा कि 'हम चाहते हैं कि मेरे पति और पीड़िता का नार्को टेस्ट कराया जाए। मेरी बेटियां बहुत परेशान हैं। अब तक कोई सबूत पेश नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें रेपिस्ट बताया जा रहा है।' विधायक की पत्नी ने ये भी कहा कि 'मैं यहां अपने पति के लिए न्याय की गुहार लगाने आई हूं। पीड़िता का परिवार झूठ बोल रहा है। पीड़िता का परिवार अपराधों में शामिल रहा है। उन्हें विधायक समर्थकों ने नहीं बल्कि दूसरे लोगों ने पीटा।'

इस मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी खुद संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई की तारीफ 12 अप्रैल तय की है। हाईकोर्ट ने इस मामले में यूपी सरकार से पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई में की जाएगी।