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IAF के लिए गेम चेंजर साबित होगी राफेल-सुखोई की जोड़ी: एयर मार्शल भदौरिया


हाईलाइट

  • वाइस चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया फ्रांस में इंडो-फ्रेंच एयरफोर्स के अभ्यास ‘गरुड़ 6’ में शामिल हुए
  • भदौरिया ने जल्द भारत आने वाले लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी
  • उन्होंने कहा, राफेल और सुखोई-30 लड़ाकू विमानों की जोड़ी दुश्मनों के लिए मुसीबत बनेगी

डिजिटल डेस्क, पेरिस। भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया (आरकेएस भदौरिया) ने गुरुवार को फ्रांस में जल्द भारत आने वाले लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने कहा, फ्रांस के राफेल और रूस के सुखोई-30 लड़ाकू विमानों की जोड़ी जंग के समय दुश्मनों के लिए मुसीबत बनेगी। उन्होंने ये भी कहा कि, टेक्नोलॉजी और हथियार के रूप में राफेल भारतीय वायुसेना के लिए गेमचेंजर साबित होगा। 

दरअसल भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया गुरुवार को फ्रांस के मोंट डे मार्सन एयरबेस पर चल रहे इंडो-फ्रेंच एयरफोर्स के अभ्यास ‘गरुड़ 6’ में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने राफेल में भी उड़ान भरी। अपना अनुभव शेयर करते हुए एयर मार्शल भदौरिया ने बताया, यह बहुत अच्छा अनुभव था। यहां हमने राफेल से जुड़ी कई चीजें सीखीं। 

उन्होंने आगे कहा कि, एक बार ये दोनों फाइटर जेट एक साथ ऑपरेट करना शुरू कर दें, उसके बाद पाकिस्तान 27 फरवरी जैसी हरकत दोबारा नहीं कर पाएगा। ये दोनों विमान मिलकर पाकिस्तान का काफी नुकसान करने में सक्षम हैं। हम देखेंगे कि हमारे बेड़े के अहम हिस्से सुखोई-30 के साथ राफेल की क्या उपयोगिता होगी। एयर मार्शल ने कहा, एक बार जब Su-30MKI और राफेल एक साथ काम करना शुरू करेंगे तो यह हमारे विरोधियों के खिलाफ एक शक्तिशाली संयोजन होगा। चाहे पाक हो या कोई और यह एक शक्तिशाली क्षमता होगी, किसी भी विरोधी को इस तरह के संयोजन की चिंता होगी।

Su-30MKI और राफेल के एक साथ आने पर अगर पाक 27 फरवरी जैसा कोई ऑपरेशन करता है इस सवाल पर आरकेएस भदौरिया ने कहा, पाक द्वारा इस तरह के किसी भी ऑपरेशन पर उन्हें ज्यादा नुकसान होगा। हमारे पास बड़े और बेहतर हथियार होंगे। हम जो कार्रवाई करेंगे, वह बहुत अधिक होगा। 

उन्होंने कहा, राफेल में जिस तरह की तकनीक और हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, वे भारत के लिए प्लानिंग के नजरिए से एक गेम चेंजर साबित होंगे। हम जिस तरह के आक्रामक मिशनों और आने वाले समय में युद्ध के लिए प्लानिंग करना चाहते हैं, उसके हिसाब से ये तकनीक और हथियार बिल्कुल उपयुक्त हैं। 

बता दें कि, भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को 36 राफेल विमान खरीदने की डील हुई थी। अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी, भारत फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदेगा। हालांकि इससे पहले कांग्रेस शासन ने भी फ्रांस से राफेल विमान को लेकर एक डील थी, लेकिन उस डील को रद्द करके यह नई डील की गई है। 


 

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