comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामला : सीबीआई ने 5 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की अनुमति मांगी

June 08th, 2020 23:00 IST
 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामला : सीबीआई ने 5 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की अनुमति मांगी

हाईलाइट

  • वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामला : सीबीआई ने 5 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की अनुमति मांगी

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्र सरकार के पांच अधिकारियों के खिलाफ 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदा मामले में कथित भूमिका के लिए मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है।

उच्च पदस्थ सूत्रों ने सोमवार को आईएएनएस को बताया, सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय से चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है, जिनमें एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल है।

सूत्र ने कहा कि सीबीआई मामले में आगे बढ़ने के लिए सरकार से अभियोजन मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा कर रही है। सूत्र ने दावा किया कि वीवीआईपी हेलिकॉफ्टर (चॉपर) सौदे के मामले में एजेंसी की जांच के दौरान इन अधिकारियों की भूमिका सामने आई है।

उन्होंने कहा कि एजेंसी को जांच के दौरान अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की खरीद प्रक्रिया में उनकी कथित भूमिका और इसके बारे में निर्णय लेने के संबंध में लीड मिली है। सूत्र ने कहा कि एजेंसी को मामले में उनकी कथित संलिप्तता से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।

सूत्र ने यह भी कहा कि दो अधिकारियों के इस साल की शुरुआत में सीबीआई के गवाह के रूप में पांच अधिकारियों की कथित संलिप्तता के बारे में एजेंसी को टिप मिल गई है और उन्होंने इन पांच अधिकारियों के विवरण सीबीआई के साथ साझा किया है। सूत्र ने कहा कि एक बार अभियोजन की स्वीकृति मिल जाने के बाद एजेंसी मामले में अपने पूरक आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर करेगी।

भारत ने एक जनवरी, 2014 को भारतीय वायुसेना को 12 एडब्ल्यू-101 वीपीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए फिनमेक्के निका की ब्रिटिश सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ अनुबंध को रद्द कर दिया था। भारत ने यह कदम मामले में संविदात्मक दायित्वों के कथित उल्लंघन और 423 करोड़ रुपये रिश्वत के आरोप की वजह से उठाया था।

सीबीआई ने इससे पहले 12 मार्च, 2013 को एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें 2004 से 2007 तक आईएएफ प्रमुख रहे एस. पी. त्यागी और अन्य पर अगस्ता वेस्टलैंड को कांट्रेक्ट दिलवाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था।

सीबीआई के अनुसार, एस. पी. त्यागी ने कथित रूप से अगस्ता वेस्टलैंड से बिचौलिये के जरिए कई करोड़ रुपये रिश्वत के रूप में लिए।

सीबीआई जांच से पता चला है कि गुइडो हेशके, कार्लो गेरोसा और क्रिश्चियन मिशेल द्वारा त्यागी को कई भुगतान किए गए थे। भारतीय जांच एजेंसियों ने दिसंबर 2018 में एक ब्रिटिश नागरिक और सौदे के बिचौलियों में से एक क्रिश्चियन मिशेल का भारत के लिए प्रत्यर्पण कराया था। वह तब से न्यायिक हिरासत में है। मिशेल, हेशके और गेरोसा तीन कथित बिचौलिये हैं, जिनके खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में जांच कर रहे हैं।

कमेंट करें
ZmckT
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।