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पीएम मोदी की बैठक में बड़ा फैसला: वैक्सीन और ऑक्सीजन उपकरणों पर अगले तीन महीने कस्टम ड्यूटी माफ, वैक्सीन इंपोर्ट पर भी छूट

पीएम मोदी की बैठक में बड़ा फैसला: वैक्सीन और ऑक्सीजन उपकरणों पर अगले तीन महीने कस्टम ड्यूटी माफ, वैक्सीन इंपोर्ट पर भी छूट

हाईलाइट

  • एयरफोर्स के C-17 से लाए गए कंटेनर
  • गुरुवार को भी की थी हाई लेवल रिव्यू मीटिंग
  • पंजाब की स्टील फैक्ट्रियों में बंद होगा काम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कोविड वैक्सीन और 16 तरह के ऑक्सीजन उपकरणों के आयात पर बेसिक ड्यूटी अगले तीन महीनों के लिए हटाने का निर्णय हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ऑक्सीजन संकट से उबारने के लिए सभी मंत्रालयों से मिलकर काम करने पर जोर दिया है।

इस दौरान कोविड मरीजों के लिए लाभदायक ऑक्सीजन आदि से जुड़े कुल 16 उपकरणों के आयात पर लगने वाले कस्टम शुल्क को माफ करने का निर्णय हुआ। इसमें मेडिकल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, ऑक्सीजन फिलिंग सिस्टम, ऑक्सीजन जनरेटर, हाई फ्लो नसल, ऑक्सीजन पैदा करने वाले सभी तरह के उपकरणों को अगले तीन महीनों तक बेस्टिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा विदेशों से कोविड वैक्सीन के आयात पर भी अगले तीन महीनों तक बेसिक कस्टम ड्यूटी को माफ करने का निर्णय हुआ। ताकि देश में इन सामानों की कम दाम पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त मंत्रालय को इन उकरणों के आयात के लिए क्लियरेंस को जल्द से जल्द करने को कहा। जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने कस्टम्स के ज्वाइंट सेक्रेटरी गौरव को ऑक्सीजन से जुड़े सभी उपकरणों के आयात पर कस्टम से छूट क्लियरेंस के लिए नोडल अफसर नियुक्त किया। इस बैठक में वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, नीति आयोग के सदस्य, एम्स के डायरेक्टर सहित प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

एयरफोर्स के C-17 से लाए गए कंटेनर
ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए भारत सरकार ने शनिवार को सिंगापुर से 4 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर मंगवाए। वायुसेना का C-17 एयरक्राफ्ट ये खाली कंटेनर लेकर आया है। एयरफोर्स का विमान सिंगापुर के चांगी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 7.45 बजे पहुंचा था। वहां से 8 बजे वह रवाना हुआ। प्लेन को पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयरबेस पर उतारा गया।

गुरुवार को भी की थी हाई लेवल रिव्यू मीटिंग
इससे पहले गुरुवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर हाई लेवल मीटिंग की थी। इसमें उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए थे कि राज्यों को की जा रही ऑक्सीजन सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए।

गृह मंत्रालय का राज्यों को निर्देश- बेरोकटोक हो ऑक्सीजन वाली गाड़ियों का मूवमेंट

  • एक से दूसरे जिले या इलाके में ऑक्सीजन लेकर जा रही गाड़ियों को रोका नहीं जा सकेगा।
  • ऑक्सीजन ले जा रही गाड़ियों के एक से दूसरे राज्य में जाने पर भी कोई रोक नहीं रहेगी।
  • ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरर्स से यह नहीं कहा जा सकेगा कि वे किसी एक राज्य या शहर के अस्पतालों को ही अपनी सप्लाई भेजें।
  • शहरों के अंदर भी ऑक्सीजन वाली गाड़ियों के मूवमेंट पर समय की कोई पाबंदी नहीं होगी।

पंजाब की स्टील फैक्ट्रियों में बंद होगा काम
पंजाब में ऑक्सीजन की कमी के बीच शनिवार को सभी स्टील और लोहा फैक्ट्री में काम बंद करने का आदेश जारी हुआ है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि यहां बनने वाली ऑक्सीजन का उपयोग कोरोना मरीजों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा जिलों में तत्काल ऑक्सीजन कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।