सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम पर धीरे मुकदमा चलाने को लेकर गुजरात सरकार को लगाई फटकार

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आसाराम मामले में गुजरात सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए मामले की जांच में देरी को लेकर सवाल किया। वहीं आसाराम के वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर जांच में देरी कर रही है। पुलिस ने अभी तक गवाहों को भी कोर्ट में पेश नहीं किया है। इस स्थिति में आसाराम को जमानत मिलनी चाहिए।
जवाब में एएसजी तुसार मेहता ने गुजरात सरकार की ओर से अपनी बात रखते हुए कहा कि अब तक 46 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और 46 अन्य को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। इन सब में वक्त लगता है। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को दीवाली के बाद तक के लिए टाल दिया।
पहले भी पुलिस को जांच में तेजी लाने को कहा गया
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात पुलिस को जांच में तेजी लाने को कहा था। बता दें कि सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ रेप और बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। बड़ी बहन ने अपनी शिकायत में कहा था कि आसाराम ने साल 2001 से 2006 के बीच उससे दुष्कर्म किया।
उस समय वह अहमदाबाद स्थित आश्रम में रहती थी। आसाराम के खिलाफ राजस्थान के जोधपुर में एक किशोरी ने यौन हमले का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उसकी शिकायत के अनुसार आसाराम ने जोधपुर में बनाए आश्रम में उसे निशाना बनाया। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह जेल में है।
Created On :   28 Aug 2017 8:30 AM GMT