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महागठबंधन के पक्ष में हवा बह रही है, तेजस्वी तय है : चिरंजीव राव

November 02nd, 2020 11:30 IST
 महागठबंधन के पक्ष में हवा बह रही है, तेजस्वी तय है : चिरंजीव राव

हाईलाइट

  • महागठबंधन के पक्ष में हवा बह रही है, तेजस्वी तय है : चिरंजीव राव

पटना, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी दौरान अन्य प्रदेशों के नेता भी बिहार में कैंप किए हुए हैं। हरियाणा के कांग्रेस के कई दिग्गज नेता बिहार में चुनावी प्रचार कर रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के दामाद और हरियणा के रेवाड़ी क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक चिरंजीव राव लगातार बिहार में प्रचार कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों से समस्तीपुर जिले के हसनपुर क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी तेजप्रताप यादव के लिए चुनाव प्रचार कर लौटे चिरंजीव राव ने आईएएनएस से कहा कि महागठबंधन के पक्ष में हवा बह रही है और इस बार तेजस्वी तय है।

लालू प्रसाद की बेटी अनुष्का के पति चिरंजीव राव को राजनीति विरासत में मिली। हरियाणा के मंत्री रहे और दिग्गज नेता अजय सिंह के पुत्र चिरंजीव कहते हैं कि महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी जिस तरह से अपनी चुनावी सभा में बेरोजगारी का मुद्दा उठा रहे हैं, उससे युवा उनकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा जंगलराज के युवराज कहे जाने पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि राजग के नेता इतिहास के बहाने चुनाव जीतना चाहते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे क्या करेंगे इसका खुलासा वे अपनी सभाओं में नहीं कर रहे हैं।

भाजपा द्वारा 19 लाख लोगों को रोजगार देने के वादे के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 15 सालों से बिहार में राजग की सरकार है, उन्हें किसी ने नौकरी देने से रोका था क्या?

हरियाणा के युवा नेताओं में शुमार राव कहते हैं कि चुनाव के बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने साफ कहा कि तेजस्वी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में भी शामिल रहे हैं, राज्य के उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाल चुके हैं, उस समय तो अपराधिक घटनाओं में कमी आई थी।

उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू मुद्दों से भटकाकर चुनाव जीतना चाहती हैं, लेकिन बिहार की जनता इस चुनाव में अपना मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार किसी तरह बिहार की सत्ता में बने रहना चाहते हैं, उनके लिए गठबंधन, दल कुछ मायने नहीं रखता।

एमएनपी-एसकेपी

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