दैनिक भास्कर हिंदी: साल 2019 में पाक ने किया 3,200 बार सीजफायर का उल्लंघन, 2003 के बाद सबसे ज्यादा

December 28th, 2019

हाईलाइट

  • पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर 3,200 संघर्ष विराम उल्लंघन किए
  • साल 2003 के बाद ये सबसे ज्यादा बार है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान ने साल 2019 में नियंत्रण रेखा पर 3,200 से ज्यादा बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। दोनों देशों की प्रतिद्वंद्वी सेनाओं ने एक-दूसरे के खिलाफ भारी मात्रा में कैलिबर हथियारों जैसे तोपों और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों का उपयोग किया। अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद से सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में उल्लेखनीय तेजी आई है। इससे पहले साल 2003 में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया था। 2003 में सीजफायर उल्लंघन की 2045 घटनाएं सामने आई थी। 

पिछले पांच महीनों में 1,600 के आसपास सीजफायर उल्लंघन हुए हैं। अगस्त में 307, सितंबर में 292, अक्टूबर में 351 और नवंबर में 304 थी। दिसंबर में सीजफायर उल्लंघन की संख्या 300 के आंकड़े को पार कर गई है। पिछले कुछ दिनों में लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनों तरफ से लगातार गोलीबारी हो रही है। पुंछ, अखनूर, उरी, तंगधार और गुरेज जैसी जगहों पर स्थिति काफी तनावपूर्ण है। इसके विपरीत, 2017 में सीजफायर उल्लंघन की कुल संख्या 971 और 2018 में 1,629 थी।

बता दें कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से हालात तनावपूर्ण बने हुए है। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के प्रावधानों को खत्म करने के बाद से दोनों देशों के संबंध और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में जुटा हुआ है। सेना के सूत्रों ने कहा, 'पाकिस्तान की तरफ से लगातार घुसपैठ की कोशिश की जा रही है। जहां-जहां ऐसे प्रयास हुए हैं, वहां-वहां संघर्ष विराम उल्लंघन हुआ और भारी गोलाबारी के साथ घुसपैठ की कोशिश की गई। सभी जगह पैटर्न समान है।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने 18 दिसंबर को कहा था कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर कभी भी तनाव पैदा हो सकता है, देश को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की जा रही सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं और उसके BAT ऑपरेशन के प्रयासों को देखते हुए सेना प्रमुख ने ये बयान दिया था। इससे पहले एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा था 'पाकिस्तान को कंट्रोल में करने की जरूरत ही नहीं है। वह खुद ही डीकंट्रोल हो रहा है और शायद हमें कोई कार्रवाई करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वह खुद को खत्म करने के रास्ते पर है।'