विश्व हिंदी दिवस: नेपाल, बांग्लादेश से लेकर युगांडा तक बोली जाती है हिंदी

January 10th, 2022

हाईलाइट

  • भारतीय दूतावास में होते हैं विशेष आयोजन
  • सैंकड़ों यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है
  • फिजी द्वीप पर हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया भर में हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं। आइए जानते हैं कि विश्व हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई और हिंदी का सफर कहां तक पहुंचा है?

विश्व हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत 10 जनवरी 2006 को पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह ने की थी। तब से हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस पर कई आयोजन होते हैं। विश्व हिंदी दिवस के अलावा भारत में हर साल 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' मनाया जाता है। आइए जानते हैं हिंदी दिवस से जुड़ी 10 खास बातें ...

 

1. पहला विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन नागपुर में 10 जनवरी 1975 को हुआ था, जिसमें 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

2. आधिकारिक तौर पर 2006 को विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसके बाद से हर साल दुनियाभर में इसे मनाया जाता है।

3. विश्व हिंदी दिवस पर विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास में विशेष आयोजन किए जाते हैं।

4. विदेशी धरती पर सबसे पहले नॉर्वे में स्थित भारतीय दूतावास में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था।

5. संविधान सभा में 14 सितंबर 1949 को हिंदी राजभाषा घोषित की गई थी, इसलिए इस दिन भी हिंदी दिवस मनाया जाता है।

6. विश्व के 130 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है।

7.  दुनियाभर में बोली जाने वाली पांच भाषाओं में भी शामिल है हिंदी

8. दक्षिण प्रशांत महासागर में फिजी नामक द्वीप पर हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है।

9. भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, न्‍यूजीलैंड, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद, मॉरिशस, पाकिस्‍तान, नेपाल, बांग्‍लादेश, संयुक्‍त अरब अमीरात, साउथ अफ्रीका और युगांडा में भी हिंदी बोली जाती है।

10. ऑक्सफोर्ड डिक्सनरी में 2017 में हिंदी के दिन, बड़ा, बच्चा और अच्छा शब्द शामिल किए जा चुके हैं।

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