comScore

येदियुरप्पा सोमवार को साबित करेंगे बहुमत, फाइनेंस बिल भी होगा पारित


हाईलाइट

  • येदियुरप्पा कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं
  • सोमवार को सुबह 10 बजे विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे
  • इस दौरान फाइनेंस बिल भी पारित किया जाएगा

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार के गिरने के बाद शुक्रवार को येदियुरप्पा कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। अब वह सोमवार को सुबह 10 बजे विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। इस दौरान फाइनेंस बिल भी पारित किया जाएगा। बता दें की 15वीं विधानसभा में दूसरी बार येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है।

येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद कहा, 'मैं राज्य के लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया। मेरा मुख्यमंत्री पद राज्य के लोगों का सम्मान है। उन्होंने कहा, 'मैं सोमवार (29 जुलाई) को सुबह 10 बजे विधानसभा में बहुमत साबित करूंगा और फाइनेंस बिल भी पारित किया जाएगा।' कैबिनेट गठन को लेकर येदियुरप्पा ने कहा कि 'मैं अमित शाह जी और अन्य नेताओं के साथ चर्चा करूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो मैं कल दिल्ली जाऊंगा, हम बाद में फैसला लेंगे।

 

 

 

येदियुरप्पा ने कहा, पिछली सरकार में गवर्नेन्स नहीं था। हमें इसका समाधान करने की जरूरत है। हम अच्छी तरह दिखाएंगे कि हमारी सरकार, पिछली सरकार से किस तरह अलग है। उन्होंने कहा कि हम बदले की राजनीति नहीं करेंगे, सब कुछ भूलकर आगे बढ़ेंगे। येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री किसान योजना के अलावा, लाभार्थियों को 2000 रुपए की दो किस्त भी प्रदान करेंगे की घोषणा की। वहीं उन्होंने बुनकरों का 100 करोड़ लोन माफ करने का ऐलान किया।'

बता दें कि बीजेपी के सरकार बनाने का दावा ठोकने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा को राजभवन में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करने से पहले येदियुरप्पा ने बेंगलुरु के कडू मल्लेश्वर मंदिर में पूजा भी की। विश्वासमत में कुमारस्वामी सरकार के फेल होने के तीन दिन बाद अब बीजेपी ने राज्य में अपनी सरकार बनाई है। येदियुरप्पा कैबिनेट के मंत्री विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद शपथ ग्रहण करेंगे।

 पिछले साल हुए चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, उन्हें मई 2018 में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ने आमंत्रित किया था। ये सरकार केवल दो दिनों तक चली थी क्योंकि येदियुरप्पा 224 सदस्यीय सदन में अपना बहुमत साबित नहीं कर सके थे। इसके बाद कांग्रेस-जेडडीएस ने गठबंधन कर राज्य में सरकार का गठन किया था।

 

कमेंट करें
1KOnZ