JNU विश्वविद्यालय में नया विवाद?: उमर खालिद की किताब पर चर्चा, रिहाई और जेल के ताले टूटेंगे जैसे गूंजे नारे, जेएनयू छात्र संघ ने लगाए गंभीर आरोप

उमर खालिद की किताब पर चर्चा, रिहाई और जेल के ताले टूटेंगे जैसे गूंजे नारे, जेएनयू छात्र संघ ने लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सोमवार को एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है। यहां पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने 'उमर खालिद की रिहाई' की मांग की है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सोमवार को एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है। यहां पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने 'उमर खालिद की रिहाई' की मांग की है। इसके साथ ही SSS-2 बिल्डिंग के बाहर 'उमर खालिद को रिहा करो' और 'जेल के ताले टूटेंगे, सारे साथी छूटेंगे' जैसे नारे भी सुनाई दिए हैं।

यूनिवर्सिटी कैंपस में आज उमर खालिद की किताब 'Fractured Communities' पर चर्चा के लिए आयोजन रखा गया था। इस दौरान इस किताब को लेकर नए विवाद को जन्म दे दिया है और वहां पर जेएनयू छात्र संघ के नेता 'उमर खालिद को रिहा करो' जैसे नारे गूंजे। इसके जवाब में कार्यक्रम का विरोध करने वाले ABVP समर्थकों ने 'खालिद पाकिस्तानी है' जैसे नारे लगाए हैं।

आखिरी समय में बुकिंग रद्द

इस कार्यक्रम का आयोजन जेएनयूएसयू ने उमर खालिद की किताब पर चर्चा के लिए आयोजित किया था। संघ का कहना है कि जेएनयू प्रशासन ने कार्यक्रम के आखिरी समय में ऑडिटोरियम की बुकिंग कैंसिल कर दी। इसके बाद भी संघ ने इस कार्यक्रम का आयोजन कराने का निर्णय लिया और बाद में इसे एसएसएस-2 बिल्डिंग के बाहर रखा। इसी दौरान एबीवीपी समर्थक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और इसके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों की तरफ से नारेबाजी होने के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

JNU प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप

इस घटना के बाद छात्र संघ ने जेएनयू प्रशासन पर इस कार्यक्रम की अनुमति आखिरी समय में रद्दकरे के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही प्रशासन को 'संघी प्रशासन' बताया है। इसके साथ ही दावा किया कि विश्वविद्यालय में बहस, चर्चा और असहमति देने से संस्कृति को सीमित करने का प्रयास किया गया है। संघ ने आगे दावा किया कि अनुमति नहीं मिलने के बाद भी सैकड़ों छात्र इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। इससे यह मैसेज दिया गया कि वे विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक माहौल को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, एबीवीपी पर इस कार्यक्रम में बांधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।

Created On :   10 Aug 2026 7:21 PM IST

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