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माल्या-जेटली मुलाकात: बीजेपी का पलटवार- कहीं राहुल और माल्या मिले हुए तो नहीं ?

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 08:14 IST

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माल्या-जेटली मुलाकात: बीजेपी का पलटवार- कहीं राहुल और माल्या मिले हुए तो नहीं ?

News Highlights

  • माल्या-जेटली मुलाकात पर बीजेपी-कांग्रेस में बयानबाजी हुई तेज
  • बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा बोले- गांधी परिवार फ्री में करता था किंगफिशर एयरलाइंस में सफर
  • रविशंकर प्रसाद बोले- कहीं राहुल और माल्या मिले हुए तो नहीं है?


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विजय माल्या के देश छोड़ने से पहले बैंक कर्ज के सेटलमेंट के लिए  अरुण जेटली से मुलाकात के दावों के बाद भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया है। बीजेपी और विपक्षी दलों में इस मुद्दे को लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल माल्या से सम्बंधों का हवाला देते हुए बढ़ते NPA के लिए मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो इस मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली से इस्तीफे की भी मांग की है। इधर, बीजेपी की ओर से विपक्षी दलों के आरोपों पर पलटवार किया गया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने जहां किंगफिशर एयरलाइंस के गांधी परिवार के होने की ओर संकेत किए हैं। वहीं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे राहुल और माल्या की मिलिभगत का नतीजा बताया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इसे लेकर कांग्रेस पर चोर मचाए शोर की कहावत से निशाना साधा है।

किंगफिशर एयरलाइंस माल्या की थी या गांधी परिवार की
संबित पात्रा ने कहा है, 'गांधी परिवार का कोई भी सदस्य जब विदेश जाता था तो किंगफिशर का बिजनस क्लास फ्री में अवेलेबल हो जाता था। कभी-कभी ऐसा लगता है कि किंगफिशर एयरलाइंस माल्या की थी या गांधी परिवार की।' पात्रा ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार और गांधी परिवार ने नियम-कानूनों को दरकिनार कर विजय माल्या को अनाप-शनाप कर्ज दिया। RBI और SBI के बीच हुए पत्राचार से इस बात का पता चलता है कि माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने के लिए किस हद तक सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने नियमों को दरकिनार किया।

क्या राहुल और माल्या मिले हुए हैं?
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले, 'संसद में माल्या ने जब वित्त मंत्री से इस सम्बंध में बात करने की कोशिश की तो उन्होंने उसे इसके लिए बैंकों के पास जाने के लिए कहा। इस पर बेवजह कांग्रेस बखेड़ा खड़ा कर रही है। माल्या का यह बयान राहुल गांधी की लंदन विजिट के बाद आया है। सवाल यह उठता है कि क्या राहुल और माल्या मिले हुए हैं?' उन्होंने यह भी कहा कि  1947 से 2008 के बीच भारतीय बैंकों ने 18 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जबकि यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह बढ़कर 52 लाख करोड़ हो गया। इस आंकड़े से समझ सकते हैं कि बैंकिंग सिस्टम के अब ट्रांसपरेंट होने से कांग्रेस क्यों असहज महसूस कर रही है।

चोर मचाए शोर
केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस मामले में राहुल को घेरते हुए कहा, 'कौन गोवा में पार्टी करने जाता है? कौन माल्या का गेस्ट बनता है? यह पता लगाया जाना चाहिए कि कौन-कौन माल्या के लाभार्थी रहे हैं। ये चोर मचाए शोर वाली बात है।' प्रधान ने यह भी कहा कि जब तक पीएम मोदी की सरकार है तब तक कोई भगौड़ा कितना ही बड़ा और शक्तिशाली क्यों न हो। उसे बख्शा नहीं जाएगा।

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