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ऐसे करें शॉपिंग कि मन जाए ग्रीन दिवाली 

November 05th, 2018 16:06 IST
ऐसे करें शॉपिंग कि मन जाए ग्रीन दिवाली 

डिजिटल डेस्क। भारत में सबसे बड़ा त्यौहार दिवाली है। दिवाली पर लगभग हर घर रोशनी से सजता है। दिवाली 5 दिन की होती है। इन दिनों में खरीददारी का भी काफी रिवाज है। शॉपिंग के शौकीन लोग दिवाली में चीजें खरीदने के दौरान अक्सर यह भूल जाते हैं कि कैसे जो उत्पाद वे खरीद रहे हैं, पर्यावरण पर असर डाल सकते हैं। इस बारे में थोड़ी समझदारी दिखाना पर्यावरण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इस बार पलूशन को दूर रखते हुए आप भी ग्रीन दिवाली मना सकते हैं। इसके लिए शॉपिंग के दौरान कुछ खास चीजों का ध्यान रखें।


कपड़े या जूट के बैग का इस्तेमाल 

दुकानदार और खरीददार अभी भी प्लास्टिक के बैग का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्लास्टिक मिट्टी के उपजाऊपन को नुकसान पहुंचाता है और ये आसानी से नष्ट नहीं होता है। पर्यावरण संरक्षण में छोटा सा योगदान देते हुए खरीदार कपड़े के या जूट के बने बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

प्लास्टिक रैपर को करें अवॉइड

 
गिफ्ट रैप करने के लिए भी बड़े पैमाने पर प्लास्टिक रैपर का इस्तेमाल होता है। न्यूजपेपर से बने या ग्रीन फैब्रिक से बने रैपर का इस्तेमाल करें या ब्राउन बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लोग घर पर अपनी सहजता के हिसाब से गिफ्ट रैपर डिजाइन भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको चार्ट पेपर और डिजाइन व पैटर्न बनाने के लिए परिवार के किसी सदस्य के कलात्मक हुनर की जरूरत होगी, जो अच्छे से रैपर डिजाइन कर सके। 

एलईडी लाइट है बेहतर ऑप्शन 

एलईडी लाइट ऊर्जा की बचत करने वाले उत्पादों में एक उपयोगी अविष्कार है। लोग अनावश्यक विद्युत खर्चे से बचने के लिए खरीदते हैं। इस दिवाली आप एलईडी स्ट्रिप खरीद सकते हैं, जो उचित और पर्यावरण के अनुकूल भी होगा। इसे बनाने में गैलियम फोस्फाइड का इस्तेमाल होता है जिसकी वजह से कम ऊर्जा में भी अच्छा प्रकाश देता है और विश्वसनीय व टिकाऊ होता है। 

पटाखों से बनाएं दूरी 

वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए पटाखों से दूरी बनाना ही बेहतर होगा। आप दूसरों को भी पटाखें नहीं खरीदने को लेकर जागरूक कर सकते हैं। पटाखों का जहरीला धुंआ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और आसमान में भी धुंध सा छा जाता है, इसलिए इस दिवाली को सुरक्षित रूप से अपनों के साथ खुशी से मनाएं। 


 

बांटे दिवाली की खुशी 

दिवाली खुशियों और उल्लास का त्योहार है। जो लोग नए कपड़ों और मिठाइयों का खर्च वहन कर सकते हैं, वह फूड वेस्टेज को कम करने में मदद कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं और गरीब बच्चों व परिवारों को मिठाइयां व कपड़े बांट सकते हैं। यह न सिर्फ आपकी दिवाली को खास बना देगा बल्कि आसपास के माहौल को भी खुशनुमा बना देगा। 

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