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महाराष्ट्र: फडणवीस ने सौंपा इस्तीफा, कहा-शिवसेना को सीएम पद देने का वादा नहीं किया


हाईलाइट

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया
  • फडणवीस ने कहा- शिवसेना के साथ कभी भी 50-50 के फॉर्मूले पर सहमति नहीं बनी थी
  • शिवसेना के नेताओं के बयानों से आहत हूं- फडणवीस

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए फडणवीस ने दावा किया कि शिवसेना के साथ कभी भी 50-50 के फॉर्मूले पर भाजपा की सहमति नहीं बनी थी। फडणवीस ने ये भी दावा किया कि चुनाव नतीजे आने के बाद से ही शिवसेना बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार बनाने के मूढ़ में नहीं दिखी।

देवेन्द्र फडणवीस ने कहा 'आपने देखा जिस समय चुनाव के नतीजें आए, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री बनाने के लिए हमारे सारे विकल्प खुले हैं और हम किसी के साथ भी जा सकते हैं। इस बयान से हमें झटका लगा।' उन्होंने कहा, 'लोगों ने गठबंधन को वोट दिया था। किसी एक पार्टी को वोट नहीं दिया गया। सभी ने मिलकर ये चुनाव लड़ा था।' 

फडणवीस ने कहा, 'हमनें लागातार प्रयास किया कि शिवसेना के साथ वार्ता हो। हमने फोन से और अन्य माध्यमों से उनसे बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने हमसे फोन पर भी बात करना मुनासिब नहीं समझा। वह पहले ही दिन से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ चर्चा में व्यस्त थे।' 'वार्ता विफल होने के लिए शिवसेना 100% जिम्मेदार है, उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया। उन्होंने चर्चा रोक दी।' 

गठबंधन को लेकर फडणवीस ने कहा, 'गठबंधन अभी तक टूटा नहीं है, न तो उन्होंने घोषणा की और न ही हमने। हमारी पार्टियां अभी भी केंद्र में एक साथ हैं।' फडणवीस ने कहा, 'मैंने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट कर दिया था कि हम गठबंधन सरकार बनाएंगे, लेकिन इसके बाद जिस तरह की घटनाएं हुई वो आपके सामने है। शिवसेना ने जो बयान दिए उससे नहीं लगता की वह हमसे रिश्ता रखना चाहते हैं।'

ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की शिवसेना की मांग को लेकर फडणवीस ने कहा, 'मेरs सामने इस पर कभी भी शिवसेना के साथ चर्चा नहीं हुई। मैंने अमित शाह जी से भी पूछा कि क्या ऐसा कोई फैसला हुआ है। उन्होंने बताया कि शिवसेना की तरफ से ऐसा प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन इस पर कभी कोई फैसला नहीं लिया गया।'

फडणवीस ने कहा, '10-12 दिनों में जिस तरह की राजनीति चली है, जिस तरह के बयान शिवसेना ने हमारे नेताओ के खिलाफ दिए हैं उससे मैं बहुत आहत हूं। बीजेपी की ओर से कभी उद्धव जी या बाला साहेब ठाकरे जी के बारे में गलत बयान नहीं दिए गए। यहां तक की जब हम 2014 में अलग-अलग चुनाव लड़े थे तब पीएम मोदी ने साफ तौर पर कह दिया था कि वह शिवसेना के खिलाफ बयान नहीं देंगे। शिवसेना के नेताओं का पीएम मोदी के खिलाफ इस तरह के बयान देना ठीक नहीं है। शिवसेना के नेताओ के इस तरह के बयानों से हम सभी बहुत आहत है।'

फडणवीस ने कहा 'अगर शिवसेना को लगता है कि बीजेपी इस तरह के बयानों का जवाब नहीं दे सकती तो वह गलत समझ रहे हैं। हम इस तरह के बयानों का जवाब नहीं देना चाहते। लेकिन हमें कड़ी भाषा में जवाब देना आता है।'

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