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पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बाढ़ से तबाही, त्रिपुरा सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण

June 14th, 2018 13:27 IST

हाईलाइट

  • पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश, कई जिलों में बाढ़।
  • भारी बारिश से त्रिपुरा और मिजोरम के कई इलाके डूबे।
  • त्रिपुरा में चार लोगों की मौत।
  • अधिकांश नदियों का बहाव खतरे के निशान के ऊपर।
  • भूस्खलन से त्रिपुरा और मिजोरम में यातायात प्रभावित।
  • त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब ने राज्य के उत्तरी हिस्से का हवाई सर्वेक्षण किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे पूर्वोत्तर में दस्तक दे चुका है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों- असम, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इन राज्यों के कई जिले पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। लैंडस्लाइड की वजह कई लोगों की मौत भी हो गई है। सबसे ज्यादा त्रिपुरा में बाढ़ ने तबाही मचाई है। सीएम बिप्लब देब ने इन इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

त्रिपुरा-मिजोरम में बाढ़ से तबाही

बुधवार को भी त्रिपुरा और मिजोरम में मूसलाधार बारिश ने कहर बरसाया। अधिकारियों के मुताबिक त्रिपुरा के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के घर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। अलग-अलग जगहों पर चार लोगों की मौत हो चुकी है। त्रिपुरा की कई नदियों का वॉटर लेवल खतरे के निशान को पार कर गया है। धान के खेतों में सिर्फ पानी नजर आ रहा है। 

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब ने किया हवाई सर्वेक्षण

त्रिपुरा और मिजोरम में कई जगहों पर भूस्सखलन होने से यातायात प्रभावित हो गया है। त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने राज्य के उत्तरी भागों के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने लोगों से निचले इलाके से निकलकर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील की है। 

त्रिपुरा में चार लोगों की मौत

त्रिपुरा आपदा प्रबंधन नियंत्रण केंद्र के एक अधिकारी ने बताया भूस्सखलन, पेड़ गिरने और मछली पकड़ने के दौरान कुल चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं उत्तरी त्रिपुरा स्थित करीब 200 राहत शिविरों में 6500 परिवारों के 1500 से अधिक लोगों ने बुधवार दोहपर तक शरण ली थी। अधिकारी ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाने के लिए 'पवन हंस हेलीकॉप्टर' का तैयार रखा है। इसके अलावा एयरफोर्स से दो और हेलीकॉप्टर की मांग की गई है।

मिजोरम में कई दिनों से जारी बारिश ने तबाही मचा दी है। यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों परिवारों को खाली करवाया गया है। राज्य के कई रिहायशी इलाके, धान के खेत, सड़क और निचले इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ने से बिजली आपूर्ति भी बाधित है। वहीं पिछले सप्ताह राज्य के लुंग्लेई जिले के लुंग्लावन में भूस्सखलन के दौरान 10 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि नाबालिग सहित चार लोग घायल हो गए थे। 

मौसम विभाग ने मेघालय और असम के कई जिलों में तीन दिन के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि दोनों राज्यों के कई जिलों में 16 जून तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं असम के करीमगंज जिले में सिंगला और लंगई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।  

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