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मोदी ने निभाया वादा, 26/11 हमले में बचे बच्चे मोशे को 10 साल का वीजा

BhaskarHindi.com | Last Modified - November 27th, 2017 15:10 IST

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई आतंकी हमले में अपने माता-पिता को खोने वाले इजरायली बच्चे मोशे होलत्जबर्ग को 10 साल का वीजा जारी कर दिया गया है। 26/11 मुंबई हमले 166 लोग मारे गए थे। 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने लियोपोलाड कैफे से तबाही मचाते हुए 2 टैक्सी, होटेल ताज, ओबेरॉय ट्राडेंट, निरेमन हाउस और  छत्रपति शिवाजी महारा टर्मिनस को आतकियों ने खून से लाल कर दिया था। हमले को 9 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन आज भी वो मंजर जब आंखों के सामने घूमता है तो पुराने जख्म ताजा हो जाते हैं। इस दहला देने वाले हमले में दो साल के बच्चे को भी जख्म दिए हैं। हम बात कर रहे हैं 2008 के मुंबई हमले में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चे मोशे होलत्जबर्ग की। आतंकी हमले में बचे इजरायली  बच्चे मोशे और उसके दादा-दादी को भारत में दस साल का वीजा जारी किया है ताकि वो आसानी से भारत आ-जा सकें। इससे वो आसानी से भारत की यात्रा बिना किसी समय सीमा के अनगिनत बार आ और जा सकेंगे।

अब मोशे 11 साल का हो गया है, उसे शायद उसके माता-पिता की शक्लें भी याद नहीं होंगी। वो अपने ग्रैंड परेंट्स के साथ मिस्र में रह रहा है। जब पीएम नरेंद्र मोदी जुलाई में  इजरायल दौरे पर थे तब येरूशलम में मोशे से मुलाकात की थी। उस वक्त इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने मोशे से उनके साथ भारत की यात्रा पर चलने इच्छा जाहिर की थी। साथ ही मोशे ने भी इस मुलाकात में मुंबई आने की इच्छा जताई थी। इस पर मोदी ने मोशे को सपरिवार भारत आमंत्रित किया था।

मोशे और दादा-दादी ने जताई खुशी

10 साल का वीजा मिलने के बाद मोशे के दादा-दादी ने कहा कि 'उन्हें खुशी है कि पीएम मोदी के वादे के अनुरूप वीजा मिला है। मोशे ने भारतीय दूतावास के अधिकारी से वीजा मिलने के बाद कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी से ये बेहतरीन तोहफा पाकर बेहद उत्साहित हूं। बड़ा होने पर मुझे इससे मदद मिलेगी। 'मुझे उम्मीद है कि मैं मुंबई की यात्रा करूंगा और बड़ा होने पर वहां रहूंगा।' इसके पहले उसने कहा था कि वो मुंबई के नरीमन हाउस में अपने पिता की तरह काम करना चाहता है।

गौरतलब है कि 26 नवंबर, 2008 को नरीमन हाउस पर भी आतंकी हमला किया गया था। इसमें मोशे के माता-पिता रब्बी गवेरियल और रिवका होल्टजबर्ग के साथ 6 अन्य भी मारे गए थे। मोशे तब दो साल का था।

मोशे के नाम हो नरीमन हाउस

मोशे होल्टजबर्ग के दादा ने मांग की है कि मुंबई के नरीमन हाउस को उसके पोते के नाम पर किया जाए। इजरायल में स्थित भारतीय दूतावास में अपने पोते के वीजा के लिए पहुंचे दादा रब्बी शिमोन रोजेनबर्ग ने यह मांग रखी। उन्होंने दूतावास से कहा कि नरीमन हाउस को तहसील में मोशे के नाम पर दर्ज किया जाए। उल्लेखनीय है कि मोशे के माता-पिता का इस भवन पर मालिकाना हक था।

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