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'द लीजेंड दिलीप कुमार' और उनकी रोमांटिक लाइफ के अनसुने किस्से

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 11th, 2017 14:33 IST

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारतीय सिनेमा के कैनवास पर अपने अभिनय से कई रंग बिखेरने वाले दिग्गज अभिनेता व सुपस्टार दिलीप कुमार का आज जन्मदिन है। दिलीप कुमार का असली नाम यूसुफ खान है। दिलीप कुमार इस साल अपने जीवन के 95 साल पूरे कर रहे हैं। उनका जन्म पेशावर में हुआ था, उनके पिता देश के बंटवारे के बाद मुंबई आ गए थे। कहा जाता है दिलीप कुमार ने एक्टिंग की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है, वे एक स्वाभाविक अभिनेता रहे हैं। दिलीप कुमार ऐसे अभिनेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने अकेले अपने दम पर हिंदी सिनेमा का चेहरा ही बदल डाला। उनकी जिंदगी पर आत्मकथा 'दिलीप कुमार: सब्स्टंस ऐंड द शैडो' भी लिखी जा चकी है। उन्हें ट्रेजेडी किंग के तौर पर भी जाना जाता है।

54 फिल्मों के बल पर बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार

देश की आजादी के पहले दो दशकों में ही 'मेला', 'शहीद', 'अंदाज़', 'आन', 'देवदास', 'नया दौर', 'मधुमती', 'यहूदी', 'पैगाम', 'मुगल-ए-आजम', 'गंगा-जमना', 'लीडर' और 'राम और श्याम' जैसी फ़िल्मों से दिलीप कुमार लाखों युवा दर्शकों के दिलों में बस गए। हालांकि उन्हें 'ट्रेजेडी किंग' कहा जाता है, लेकिन वो हिंदी सिनेमा के हरफनमौला कलाकारों में गिने जाते हैं। दिलीप कुमार ने अपने फ़िल्मी करियर में मात्र 54 फ़िल्में की हैं। इसके बाद भी आज तक दिलीप कुमार उन्हीं 54 फिल्मों के बल पर बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार में गिने जाते हैं। उनकी फिल्मों और उनका अंदाज किसी के जेहन से मिटा नहीं है। 25 वर्ष की उम्र में ही दिलीप कुमार देश के नंबर वन अभिनेता बन गए थे। 

देविका रानी ने दिया पहला ब्रेक

उस समय तीन बड़े अभिनेता ही अपना सिक्का जमाए हुए थे। इन तीनों को बॉलीवड की त्रिमूर्ति कहा जाता है। राजकपूर और देव आनंद के आने के बाद 'दिलीप-राज-देव' की बॉलुवड में धाक जम गई। ये तीनों ही देश के विभाजन के बाद पकिस्तान से भारत आए थे। फिल्म निर्माण कंपनी 'बॉम्बे टॉकिज' ने दिलीप कुमार को पहला चांस दिया था। एक्ट्रेस देविका रानी ने उन्हें काम और नाम दिया। यहीं से वे यूसुफ़ ख़ान से दिलीप कुमार बन गए। माफ कीजिएगा 'द लीजेंड दिलीप कुमार' बने। 44 साल की उम्र में अभिनेत्री सायरा बानो से विवाह करने तक दिलीप कुमार वे सब फ़िल्में कर चुके थे, जिनके लिए आज उन्हें याद किया जाता है।


 

दिलीप कुमार और सायरा बानो की प्रेम कहानी

दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी की कहानी इतनी दिलचस्प है कि हर कोई इस कहानी को जानना चाहता है। सायरा बानो का दिल पहले जुबिली कुमार यानी राजेन्द्र कुमार पर फिदा था। सायरा की मां नसीम को जब यह भनक लगी, तो उन्हें अपनी बेटी की नादानी पर बहुत गुस्सा आया। तब नसीम ने अपने पड़ोसी दिलीप कुमार की मदद ली और कहा कि सायरा को वे समझाएं कि वो राजेंद्र कुमार से नाता तोड़ लें। जब दिलीप साहब ने सायरा को समझाया कि राजेन्द्र के साथ शादी का मतलब है पूरी ज़िन्दगी सौतन बनकर रहना। इसके जवाब में सायरा ने दिलीप कुमार से पूछ लिया कि क्या वे उससे शादी करेंगे? 

दिलीप कुमार के पास तब इस सवाल का जवाब नहीं था, लेकिन, होनी को तो कुछ और ही मंज़ूर था। 11 अक्टूबर 1966 को 25 साल की उम्र में सायरा ने 44 साल के दिलीप कुमार से शादी कर ली। कहते हैं कि दूल्हा बने दिलीप कुमार की घोड़ी की लगाम उस समय पृथ्वीराज कपूर ने थामी थी और दाएं-बाएं राज कपूर तथा देव आनंद डांस कर रहे थे। दिलीप कुमार को हिंदी सिनेमा में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्‍मभूषण की उपाधि से नवाजा। 1995 में फ़िल्म का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'दादा साहब फालके अवॉर्ड' भी प्रदान किया। 


 

पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिला

पाकिस्तान सरकार ने भी दिलीप कुमार को 1997 में 'निशान-ए-इम्तियाज' से नवाजा था, जो पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। दिलीप कुमार साहब 1980 में मुंबई के 'शेरिफ' भी नियुक्त किए गए थे। 1953 में जब फ़िल्म फेयर पुरस्कारों की शुरुआत हुई तब दिलीप कुमार को ही फ़िल्म 'दाग' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार‍ दिया गया था। अपने जीवनकाल में दिलीप कुमार कुल 8 बार फ़िल्म फेयर से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार से नवाजे गए। शाहरुख़ ख़ान ने 8 फ़िल्मफेयर अवार्ड जीतकर उनकी बराबरी ज़रूर कर ली है। बता दें कि दिलीप कुमार शाहरुख़ को अपने बेटे जैसा मानते हैं। शाहरुख ने ही उनकी एक फिल्म देवदास वाला किरदार निभाया है। बताते चलें कि साल 2000 से 2006 तक दिलीप कुमार राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। 

दिलीप साहब की जिंदगी में आईं ये अभिनेत्रियां  

दिलीप साहब का पहला प्यार 40 के दशक की खूबसूरत अभिनेत्री कामिनी कौशल थीं। फिल्म शहीद के सेट पर दिलीप साहब और कामिनी का प्यार परवान चढ़ा। उस समय दोनों शादी भी करने वाले थे, लेकिन अपने परिवारवालों के आगे कामिनी की एक न चली, और वह किसी और से शादी रचाकर दिलीप कुमार को तन्हाई की जिंदगी जीने के लिए छोड़ दिया। दिल पर चोट खाए दिलीप कुमार एक बार फिर से खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला के प्यार में पड़े। दोनों के प्यार के किस्से काफी मशहूर हुए, लेकिन फिर से दिलीप साहब को प्यार में असफलता हाथ लगी। फिल्म तराना के सेट पर दिलीप और मधुबाला दोनों पूरी तरह एक-दूसरे के प्यार में डूब गए। मधुबाला के पिता को उनका दिलीप कुमार के साख रिश्ता पसंद नहीं था। इस तरह से ये प्रेमकहानी भी अधूरी रह गई। इसके बाद दिलीप साहब की जिंदगी का तीसरा प्यार वहीदा रहमान बनी, क्योंकि वहीदा को दिलीप कुमार शुरू से ही पसंद थे। दिलीप कुमार ने वहीदा रहमान से निकाह भी करना चाहा, लेकिन ये रिश्ता भी मुक्म्मल न हो पाया। इसके बाद दिलीप साहब की जिंदगी में 'कश्मीर की कली' सायरा बानो आ गईं और फिर कभी नहीं गई, दोनों शादी के बंधन में बंध गए। सायरा दिलीप से 22 साल छोटी थीं, लेकिन वह उन्हें 12 साल की उम्र में ही अपना दिल दे बैठी थीं। कहा जाता है कि शादी के कई साल बाद भी दिलीप कुमार का दिल हैदराबादी सुंदरी आसमा पर आ गया था। दिलीप साहब ने आसमा के साथ दूसरा निकाह भी पढ़ लिया था, लेकिन दोनों का रिश्ता ज्यादा नहीं चल पाया और फिर दोनों अलग हो गए।

दिलीप कुमार और सायरा बानो की ज़िन्दगी एक मिसाल है। दोनों को कोई औलाद नहीं है। उम्र के इस पड़ाव पर सायरा अल्जाइमर और अन्य बीमारियों से लड़ रहे दिलीप साहब की तीमारदारी में लगी हैं और वही उनकी आवाज़ भी बनी हुई हैं और धड़कन भी। हाल ही में दिलीप कुमार को निमोनिया की शिकायत हो गई गई थी। दिलीप कुमार के जन्मदिन के मौके पर सायरा बानो ने उनकी पसंदीदा बिरयानी और वनीला आइसक्रीम बनाने का फैसला किया है। उनके जन्मदिन पर एक फैन ने वीडियो बनाया है, जिसे रीट्वीट भी किया गया है। 

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