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CBI स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना की गिरफ्तारी पर रोक, DSP देवेन्द्र 7 दिन की रिमांड पर

October 24th, 2018 09:20 IST
CBI स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना की गिरफ्तारी पर रोक, DSP देवेन्द्र 7 दिन की रिमांड पर

हाईलाइट

  • हाईकोर्ट ने CBI के स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है।
  • इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
  • CBI के डीएसपी देविन्दर कुमार को कोर्ट ने इस मामले में 7 दिन की हिरासत में भेज दिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जब जांच करने वाली एजेंसी ही जांच के दायरे में आ जाए तो क्या कहिएगा? यही हाल इन दिनों सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI का है। एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर है राकेश अस्थाना जो खुद ही जांच के दायरे में आ गए हैं। अस्थाना पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। हालांकि मंगलवार को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने अस्थाना की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। इधर, CBI के DSP देवेन्द्र कुमार को कोर्ट ने इस मामले में 7 दिन की हिरासत में भेज दिया है। रिमांड पर भेजे जाने के बाद अब CBI ने उन्हें सस्पेंड भी कर दिया है।

क्या कहा हाईकोर्ट ने?
दिल्ली की पटियाला हाईकोर्ट ने राकेश अस्थाना को अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तय की है। कोर्ट ने कहा है कि 29 अक्टूबर को राकेश अस्थाना उन आरोपों का जवाब देंगे जो CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा ने लगाए हैं। हाईकोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। यानी राकेश अस्थाना को 29 अक्टूबर तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने अस्थाना का लैपटॉप और मोबाइल भी जब्त करने के लिए कहा है। इससे पहले अस्थाना के वकील ने कोर्ट में उनके क्लाइंट के खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द करने की मांग की, जिसे कोर्ट न खारिज कर दिया। वहीं, CBI के वकील ने कोर्ट में कहा कि अस्थाना पर रिश्वत लेने समेत कई गंभीर आरोप हैं।     

CBI के स्पेशल डायरक्टर पर क्या है आरोप? 
स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना CBI में दूसरे नंबर की हैसियत वाले अफसर थे। हालांकि अभी भी वह पद पर तो काबिज है लेकिन इस पद के साथ मिलने वाली पावर उनसे छीन ली गई है। एजेंसी की ओर से 15 अक्टूबर को अस्थाना के खिलाफ दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि एक केस को रफा-दफा करने के लिए अस्थाना ने 5 करोड़ रुपए की रिश्वत ली है। अस्थाना अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले और उद्योगपति विजय माल्या द्वारा की गई ऋण धोखाधड़ी जैसे अहम मामले देख रहे हैं। मांस कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़ा एक मामला भी अस्थाना के पास है। इसी मामले में अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। हैदराबाद के बिजनेसमैन सतीश सना की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

CBI को दिए बयान में सतीश सना ने कहा है कि उसने राकेश अस्थाना को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत दी है। यह पैसा 10 महीने की अवधि में दिया गया है जिसकी शुरुआत दिसंबर 2017 से हुई है ताकि CBI मनी लॉन्ड्रिंग के इस केस में उसका नाम न दर्ज करे। राकेश अस्थाना का दावा है कि सतीश सना कि यह शिकायत CBI और प्रवर्तन निदेशालय के कुछ अधिकारियों की साजिश है।  

DSP देवेन्द्र कुमार 7 दिन की रिमांड पर 
राकेश अस्थाना के अलावा एजेंसी ने DSP देवेंद्र कुमार और मनोज प्रसाद, कथित बिचौलिये सोमेश प्रसाद और अन्य अज्ञात अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया है। उन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा सात, 13(2) और 13 (1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा उन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा सात-ए भी लगाई गई है।  देवेंद्र कुमार को मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। जिसके बाद अदालत ने देवेन्द्र कु्मार को 7 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।

CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा पर भी आरोप
इससे पहले, राकेश अस्थाना ने 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखकर CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के 10 मामले गिनाए थे। इसी पत्र में यह भी आरोप लगाया गया था कि सना ने इस मामले में क्लीन चिट पाने के लिए CBI प्रमुख को दो करोड़ रुपये दिये। 

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