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महाराष्ट्र में 7 नवंबर तक सरकार का गठन नहीं तो राष्ट्रपति शासन, एनसीपी ने बताया धमकी भरा बयान

महाराष्ट्र में 7 नवंबर तक सरकार का गठन नहीं तो राष्ट्रपति शासन, एनसीपी ने बताया धमकी भरा बयान

हाईलाइट

  • मुख्यमंत्री पद को लेकर महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना में टकरार
  • महाराष्ट्र में 7 नवंबर तक करना होगा सरकार का गठन
  • समय पर सरकार का गठन नहीं किया गया तो राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भाजपा और शिवसेना के बीच सत्ता के बंटवारे को लेकर गतिरोध फिलहाल खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है। अगर ये गतिरोध इसी तरह चलता रहा और तय समय में सरकार का गठन नहीं किया गया तो महारष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को इसे लेकर बयान दिया है। 

धमकाने वाला बयान

इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि मुनगंटीवार का बयान शिवसेना को धमकाने वाला है। मुनगंटीवार के बयान पर शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा है कि भाजपा हम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा 50-50 फार्मूले पर अमल करती है तो हमें साथ आना स्वीकार होगा। यदि भाजपा ने ऐसा नहीं किया तो 7 नवंबर तक राज्य में नई सरकार बन जाएगी। यह सरकार कैसे बनेगी। किस हाथ में अदृश्य घड़ी बांधकर विधायक हमारा समर्थन करेंगे, यह तय हो चुका है। इसलिए भाजपा को धमकी देने की जरूरत नहीं है। सत्तार ने दावा किया कि शिवसेना के विधायक नहीं बल्कि भाजपा के विधायक टूटेंगे।

सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि 'नई सरकार का गठन तय समय के भीतर करना होगा। अगर राज्य में 7 नवंबर तक नई सरकार नहीं बनती है तो राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है।' मुनगंटीवार ने यह भी कहा कि 'दोनों पक्षों के बीच बातचीत में देरी दिवाली त्योहार के कारण हुई थी और यह चर्चा एक या दो दिन में फिर से शुरू होगी।' हालांकि उन्होंने माना कि 'चर्चा में मुख्य बाधा 2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग है।'

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा मांग को स्वीकार करेगी, मुनगंटीवार ने कहा, 'हम पहले ही देवेंद्र फड़नवीस के नाम का ऐलान कर चुके हैं।' उन्होंने विश्वास जताया कि नई सरकार का गठन जल्द होगा। मुनगंटीवार ने कहा, 'हम राज्य स्तर पर गतिरोध को हल करने के लिए एक साथ बैठेंगे। यदि आवश्यक हुआ, तो भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हस्तक्षेप करेगा।'

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि शिवसेना के साथ पार्टी का गठबंधन पहले की तरह बरकरार है। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र के लोगों ने किसी पार्टी को नहीं, बल्कि महायुति (भाजपा, शिवसेना और अन्य दलों से जुड़े गठबंधन) को जनादेश दिया है।' उन्होंने कहा, 'हमारा गठबंधन फेवरिकॉल या अंबुजा सीमेंट की तुलना में मजबूत है।'

सरकार गठन पर शिवसेना नेता संजय राउत की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, मुनगंटीवार ने कहा, 'भाजपा की तरह, शिवसेना भी चाहती है कि सरकार जल्द से जल्द बने। हमने गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा। यहां मुद्दा शिवसेना या भाजपा का नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के लोगों का है।' बता दें कि संजय राउत ने कहा था, लिखकर ले लीजिए मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा।

शपथ समारोह के लिए बुक किया गया वानखेडे स्टेडियम

दूसरी तरफ भाजपा के खेमे में नई सरकार बनाने के लिए कोशिश तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार शिवसेना से बात नहीं बनी तो भाजपा राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के पास अकेले सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। इसके बाद संभवतः 5 या फिर 7 नवंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शपथ ले सकते हैं। भाजपा सूत्रों का दावा है कि 8 नवंबर से पहले राज्य में नई सरकार बन जाएगी। इस बीच भाजपा द्वारा मुंबई का वानखेडे स्टेडियम बुक किए जाने की खबर है। 2014 में फडणवीस सरकार का शपथ ग्रहण समारोह इसी स्टेडियम में हुआ था। भाजपा सूत्रों के अनुसार भाजपा-शिवसेना का मिलकर सरकार बनाना तय है। फिलहाल दोनों तरफ से एक दूसरे पर दबाव बनाने की रणनीति चल रही है।  

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