comScore

वुमन भास्कर क्लब की तीन दिवसीय रंगोली वर्कशॉप, एक्सपर्ट ने दिए टिप्स

October 13th, 2017 12:30 IST
वुमन भास्कर क्लब की तीन दिवसीय रंगोली वर्कशॉप, एक्सपर्ट ने दिए टिप्स

डिजिटल डेस्क, नागपुर। घर आंगन की शोभा बढ़ाने वैसे तो रंगोली हर पर्व व आयोजनों में बनाई जाती है, लेकिन दीपावली पर्व पर रंगोली का अपना अलग ही महत्व है। रंगोली बनाने की कल्पना शक्ति को उड़ान देने और इसे आसान बनाया वुमन भास्कर क्लब ने। रंगोली ट्रेनरों ने जिस तकनीक से प्रशिक्षुओं को रंगोली बनाने के गुर बताए उसे प्रशिक्षुओं ने तुरंत फॉलो किया।

दरअसल वुमन भास्कर क्लब व श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय रंगोली कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन फॉर्च्यून मॉल, झांसी रानी चौक के पास सीताबर्डी में शुरू किया गया है। कार्यशाला 14 अक्टूबर तक चलेगी। इसके लिए दोपहर 1 बजे से 3 बजे और 4 बजे से 6 बजे के बैच हैं। कार्यशाला में फ्री हैंड रंगोली, क्विक रंगोली सिखाई गई। रोहित लाडंगे, अक्षय धाकतोड़े, अविनाश भावने, सनी, विशाल गोकुलावाला और शिल्पा ने रंगोली बनाने के तरीके सिखाए। पॉवर्ड बाय गो-रंगोली हैं। शिल्पा ने क्विक रंगोली बनाना सिखाया। 
महिलाओं ने रंगोली कार्यशाला में रूचि दिखाई।

प्रशिक्षण काफी लाभदायक
आयोजन में आई महिलाओं का कहना है कि भारतीय कला और संस्कृति की रंगोली समृद्ध परंपरा है, जिससे नई पीढ़ी का परिचय कराना जरूरी है। वुमन भास्कर क्लब की रंगोली कार्यशाला का यह प्रशिक्षण काफी लाभदायक है। रंगोली बनाना इतना आसान हो सकता है, यह सोचा ही नहीं था। इसे सीखना और बनाना बहुत ही आसान रहा। वुमन भास्कर क्लब का ये आयोज काफी लाभदायक रहा। कुछ महिलाओं का कहना है कि हमें यहां बहुत कुछ नए तरीके से रंगोली बनाना सीखने को मिलीं। हमने भी अपने हुनर का प्रदर्शन किया। आधुनिक युग में पारंपरिक कला का होना बहुत आवश्यक है। कार्यशाला में क्विक रंगोली बनाना सीखी और हम बहुत जल्दी सीख गए।

आश्रम के बच्चों ने बनाई आकर्षक वस्तुएं
इधर, श्रद्धानंद अनाथालय की दिवाली प्रदर्शनी में वेस्ट मटेरियल से बनीं आकर्षक वस्तुएं रखी गईं। इन्हें आश्रम के बच्चों ने बनाया है। प्लास्टिक की बोतल, न्यूज पेपर, पैकिंग डिब्बे व अन्य अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर आकर्षक वस्तुएं बनाई गईं। अनाथालय में एकदिवसीय दिवाली प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्देश्य दिवाली पर अनाथालय की लड़कियों को मदद मुहैया कराना और उनके हुनर को सामने लाना है। इसके लिए इन लड़कियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

प्रदर्शन का उद्घाटन महापौर नंदा जिचकार ने किया। गीतांजलि बूटी और कल्पक अश्या ने प्रदर्शनी के आयोजन में सहयोग किया।  इस अवसर पर प्रमुख अतिथि जिला परिषद की सीईओ कांदबरी भगत मौजूद थीं। अन्य अतिथियों में कमांडेंट सीआरपीएफ मोहनदास ख्रोबागड़े, मीरा खडतकर, डॉ. निशा बूटी, बी.सी. भरतिया मौजूद थे। बेकार वस्तुओं से बने गिफ्ट केस, पूजा की साम्रगी व घर की सजावट के लिए कई सामान आकर्षक हैं। 

कमेंट करें
niEJp