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विजय माल्या को बचाने वकील ने दी दलील, कहा 'भारतीय जेलों की हालत खराब'

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 15th, 2017 10:00 IST

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डिजिटल डेस्क, लंदन। भारतीय बैंकों को चूना लगाकर विदेश भागे शराब कारोबारी विजय माल्या ब्रिटेन में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई का सामना कर रहे हैं। इससे बचने के लिए गुरुवार को विजय माल्या के वकीलों ने कहा कि भारतीय जेलों में सफाई भी ठीक से नहीं रहती है और क्षमता से अधिक कैदी भी होते हैं। जेल सेवाओं के विशेषज्ञ डॉ. मिशेल ने भारत की कोलकाता के अलीपुर और चेन्नई की जेल की स्थिति पर असंतोष जाहिर किया। बचाव पक्ष ने मुंबई स्थित आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 की स्थिति पर असंतोषजनक जताया। बता दें कि 61 वर्षीय माल्या को यहां ही रखा जाना है। 

 

 

भारत सरकार के दावों को गलत साबित करने कोशिश

माल्या की वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में गवाह के तौर पर जेल सेवाओं के विशेषज्ञ डॉ. एलन मिशेल को पेश किया। उन्होंने भारत सरकार के दावों को गलत साबित करने की कोशिश की है। डॉ. मिशेल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा किेए गए वादे आम हैं और यह बताते हैं कि जेल की स्थिति माल्या को रखे जाने के लायक नहीं है। बता दें कि 9000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के मामले में ब्रिटेन की अदालत में माल्या के प्रत्यर्पण की जारी सुनवाई चार दिसंबर को शुरू हुई थी। 

 

 

जेल में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी

हालांकि भारत सरकार ने आश्वासन दिया था कि माल्या को रखने के लिए उनके यहां की जेलों में 'उचित व्यवस्था' है। इस संबंध में डॉ मिशेल ने ब्रिटेन के छह पूर्व सैनिकों के चेन्नई जेल में बंद रहने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के एक पूर्व सैनिक ने बताया था कि जेल में उसे टॉर्चर किया जाता है। इसके बाद माल्या की वकील ने दलील दी कि ऐसी स्थिति में हमारे मुवक्किल का यदि प्रत्यर्पण होता है तो उसे भी जेल में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। माल्या की वकील पहले भी कई बार ऐसी दलीलें दे चुकी हैं।

 

 

कई बीमारियों से पीड़ित हैं माल्या

इस पर भारत सरकार के वकील का कहना है कि आर्थर रोड जेल में 24 घंटे डॉक्टर ड्यूटी पर रहते हैं। वहां किसी प्रकार की असुविधा माल्या को नहीं होगी। भारत की तरफ से यह आश्वासन भी दिया गया है कि यहां माल्या पर निष्पक्ष तरीके से सुनवाई की जाएगी। माल्या के वकील ने कहा कि भारत जनसंख्या और क्षेत्रफल के नजरिए से बड़ा देश है। ऐसे में हर राज्य की जेल के हालात अलग-अलग हो सकते हैं। बचाव पक्ष ने शराब कारोबारी के स्वास्थ्य रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वह मधुमेह, दिल की बीमारी समेत कई बीमारियों से पीड़ित हैं। भारत की जेल में उनकी सही तरीके से देखभाल नहीं हो पाएगी। 
 

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