विधानसभा चुनाव 2026: असम की मनकाचर सीट पर मुस्लिम वोटर्स का एकतरफा दबदबा, मुस्लिम चेहरा ही जीतता है चुनाव

असम की मनकाचर सीट पर मुस्लिम वोटर्स का एकतरफा दबदबा, मुस्लिम चेहरा ही जीतता है चुनाव
जनता पार्टी, AGP, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1978 में स्थापित मनकाचर असम के दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले की अनारक्षित विधानसभा सीट है। मनकाक्षर असेंबली सीट में मुख्य रूप से ग्रामीण वोटर्स है। अब तक यहां दस बार विधानसभा चुनाव हुए है। कांग्रेस और स्वतंत्र कैंडिडेंट ने इस सीट पर तीन-तीन बार कब्जा जमाया है। जबकि जनता पार्टी, AGP, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने इस विधानसभा सीट पर 2-2 बार जीत हासिल की है। मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र होने की वजह से यहां का अधिकतर प्रतिनिधित्व मुस्लिम चेहरे ने ही किया है। पिछले तीन चुनाव में यहां कुछ दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले।

2023 के परिसीमन पर कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए। इस परिसीमन से मुस्लिम प्रभाव वाली सीटों की संख्या राज्य में कम हुई। इसका लाभ इस चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को मिलने की उ्म्मीद है। यहां मुख्य मुकाबला AIUDF और एजीपी के बीच होने की उम्मीद है। मुस्लिम बहुल सीट होने से यहां भाजपा की मौजूदगी न के बराबर मानी जाती है।

पिछले तीन विधानसभा चुनावों में, 2011 में निर्दलीय उम्मीदवार जाबेद इस्लाम ,2016 में डॉ. मोतिउर रहमान मंडल , 2021 में अमीनुल इस्लाम की जीत हुई। 1985 में अपना पहला चुनाव जीतने के बाद निर्दलीय चेहरें अमीनुल इस्लाम ने मनकाचर से तीन बार जीत हासिल की है, वो भी हर बार एक अलग राजनीतिक पार्टी के बैनर तले चुनाव जीत चुके है। मनकाचर के विधानसभा चुनाव में पार्टी की तुलना में व्यक्ति का महत्व अधिक होता है।

2023 में हुए परिसीमन के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं का आधार और अधिक मजबूत हुआ। इसकी वजह से अन्य सीटों पर बीजेपी जैसे अन्य दलों की जीत के द्वार भी खुल गए थे। मनकाचर के करीब 91.20 प्रतिशत वोटर मुस्लिम हैं, जबकि एससी और एसटी दोनों के मिलाकर तीन फीसदी मतदाता है।

Created On :   28 March 2026 3:46 PM IST

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