Assam UCC: नॉर्थ ईस्ट में असम बना UCC बिल लागू करने वाला पहला राज्य, सदन में विपक्ष के विरोध के बीच हुआ पास

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम विधानसभा में बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच यूनिफॉर्म सिवल कोड (यूसीसी) असम बिल 2026 पारित हुआ। इसके साथ ही असम नॉर्थ ईस्ट का पहला और देश का तीसरा राज्य बन गया है। जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून लागू किया है। बता दें, इस कानून के तहत शादी, तलाक, गोद लेना, संपत्ति और पारिवारिक मामलों से जुड़े नियम सभी नागरिकों के लिए एक समान होंगे। यानी अलग-अलग धर्मों के लिए अलग पर्सनल लॉ की जगह अब एक समान कानून लागू होगा।
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असम विधानसभा में पास हुआ यूसीसी बिल
यूजीसी को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार देना और कानूनी व्यवस्था को सरल बनाना है। वहीं विपक्ष और कुछ संगठनों ने इसे लेकर चिंता भी जताई है और कहा है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर असर पड़ सकता है।असम से पहले उत्तराखंड और गोवा में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो चुका है। अब असम ऐसा कानून बनाने वाला तीसरा राज्य बन गया है।
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सीएम हिमंता ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
वहीं, असम में यूसीसी बिल पास होने पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा निर्णय है। सीएम ने कहा कि असम के इतिहास में यह एक अहम पल है, क्योंकि अब असम यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के संस्थापकों की सोच और संविधान निर्माताओं की इच्छा को आगे बढ़ाने वाला है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह फैसला तीन महत्वपूर्ण बातों को पूरा करता है। इसमें संविधान के आर्टिकल 44 की भावना, बीजेपी के संस्थापक आदर्श और बीजेपी असम के चुनावी वादे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा किया गया है और यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
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