Bihar News: अनंत सिंह की विधायकी पर संकट! 7 दिन में देना होगा जवाब, मोकामा सीट पर लटकी तलवार

अनंत सिंह की विधायकी पर संकट! 7 दिन में देना होगा जवाब, मोकामा सीट पर लटकी तलवार
जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दलबदल कानून के तहत विधानसभा सचिवालय ने नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। अब फैसला विधानसभा अध्यक्ष के हाथ में है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर संकट मंडरा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने 2 नवंबर को मोकामा एमएलए को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है। उनसे पूछा गया है कि दलबदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता क्यों न समाप्त कर दी जाए।

इस बीच अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को उनकी जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। अनंत सिंह इस मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हैं।

अनंत सिंह ने 2025 के विधानसभा चुनाव में जेल में रहते हुए मोकामा सीट से 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। यदि विधानसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य ठहराते हैं तो उनकी विधायकी समाप्त हो जाएगी और मोकामा सीट खाली हो जाएगी। हालांकि, अध्यक्ष के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

विधानसभा सचिवालय ने ये नोटिस जेडीयू की शिकायत पर भेजा है। जदयू का आरोप है कि अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में जेडीयू के आधिकारिक कैंडिडेट नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह का प्रचार किया। जेडीयू ने इसे पार्टी के प्रति स्वेच्छा से सदस्यता छोड़ने जैसा आचरण बताया है। पार्टी ने 24 अक्टूबर को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत किसी विधायक का पार्टी से निष्कासन अपने आप उसकी सदस्यता समाप्त नहीं करता। हालांकि उसका आचरण स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने का संकेत देता है तो अयोग्यता की कार्रवाई हो सकती है। अब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को जेडीयू के आरोपों, पेश किए गए वीडियो और दस्तावेजों के साथ अनंत सिंह का जवाब भी देखना होगा।

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