कुलगाम आतंकी हमला: भाजपा ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को बताया गैर-जिम्मेदाराना, सीएम साय ने हमले को बताया बेहद दर्दनाक

भाजपा ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को बताया गैर-जिम्मेदाराना, सीएम साय ने हमले को बताया बेहद दर्दनाक
मारे गए लोगों में शक्ति जिले के दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भैना है, जो वहा मजदूरी करने गए थे। छत्तीसगढ़ सरकार ने मृतकों के परिवारों में से प्रत्येक को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराएंगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कुलगाम आतंकी हमले पर भाजपा नेता रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार किया है, बीजेपी नेता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कहा फारूक अब्दुल्ला ने कुलगाम में हुए आतंकी हमले पर बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है। उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। ये राष्ट्र पर हमला है, ये इंसानियत पर हमला है। ऐसे समय में सभी राजनीतिक दलों को एक होकर आतंकवाद के खिलाफ बोलना है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले के केलम इलाके में हुए आतंकी हमले पर कहा बहुत अफसोस है, किसने मारा है, यह नहीं पता है। इसकी ईमानदारी से तहकीकात होनी चाहिए, मुझे नहीं पता कि यह उसी समय क्यों होता है, जब हम राज्य का दर्जा मांग रहे होते हैं।

इससे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुलगाम के केलम इलाके में आतंकवादी हमले में मारे गए 2 बाहरी मजदूरों पर कहा छत्तीसगढ़ के लिए दुखद खबर है कि आतंकवादियों ने राज्य के उन प्रवासी मज़दूरों की बेरहमी से हत्या कर दी है जो कुलगाम में काम करने गए थे।

सीएम साय ने आतंकी हमले को बेहद दर्दनाक बताया। उन्होंने आगे कहा मारे गए लोगों में शक्ति जिले के दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भैना शामिल हैं, जिनकी आतंकवादियों ने हत्या कर दी। हम इस आतंकवादी कृत्य की घोर निंदा करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिवारों में से प्रत्येक को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी।

कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में दो युवकों की मौत हो गई, जिन दोनों लोगों की मौत हुई है,वो छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे है। पुलिस ने दोनों मृतकों के घर सूचना दे दी है। परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि आतंकी प्रवासी मजदूर, निहत्थे लोग, अल्पसंख्यक सुमदाय का निशाना बनाकर डर पैदा करना चाहते है। इससे क्षेत्र की शांति व विकास बाधित होगा।

आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। घाटी में 10 दिनों के भीतर टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है। जांच एजेंसियां टारगेट किलिंग के मकसद तलाश रही है, कुछ लोग बता रहे है कि इसके पीछे घाटी में खौफ पैदा करने की साजिश बता रहे है। स्थानीय पुलिस के अनुसार दीपक के पिता उमाशंकर रात्रे व भुपेंद्र के दशरथ हैं। दोनों के घर सूचना दे दी गई है। परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों पर फायरिंग की, जिसमे एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर घायल हो गया था, जिसे जीएमसी अनंतनाग लाया गया, गंभीर हालात होने की वजह से उसे एसकेआईएमएस श्रीनगर रेफर, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। जिन दो मजदूरों की मौत हुई है, इनके नाम 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र है। के हमले में घायल दूसरे प्रवासी मजदूर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके सीने में गोली लगी थी। इस हमले में अब दोनों मजदूरों की मौत हो चुकी है। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम के केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे। खबरों से मिली जानकारी के अनुसार आतंकियों ने गोली चलाने से पहले मजदूरों के नाम भी पूछे थे।

Created On :   1 Aug 2026 4:49 PM IST

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