राजस्थान: अशोक गहलोत की नसीहत पर बीजेपी का पारा हाई, राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए दिया दो टूक जवाब

अशोक गहलोत की नसीहत पर बीजेपी का पारा हाई, राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए दिया दो टूक जवाब
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बीजेपी नेताओं को नसीहत दी है। जिसको लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। उनके इस बयान पर बीजेपी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार किया है।

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बीजेपी नेताओं को नसीहत दी है। जिसको लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। उनके इस बयान पर बीजेपी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि 'पुत्र मोह' और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि कांग्रेस नेता ने बीजेपी के नेताओं को 'अपने बेटों को सियासत और सत्ता के कामकाज से दूर रखने' की सलाह दी थी।

बीजेपी नेता ने किया कसा तंज

राजेंद्र राठौड़ ने अशोक गहलोत पर तंज करते हुए शायराना अंदाज में कहा, "सारी उम्र गुजार दी इश्क-ए-बुतों में मोमिन, अब आखिरी उम्र में क्या खाक मुसलमान होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि मंत्री पुत्रों को सरकार से अलग रहना चाहिए। यह निश्चित रूप से ठीक बात है। लेकिन उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि खुद कांग्रेस नेता ने पार्टी के अन्य कर्मठ नेताओं का हक मारकर अपने बेटे को प्रत्याशी बनाया था। साथ ही कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में भी अपने बेटे की ताजपोशी की थी।

तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर साधा निशान

बीजेपी नेता ने पिछली कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा, "कांग्रेस सरकार के दौरान डिग्रियों और नौकरियों की खुलेआम लूट हुई। वहीं, वर्तमान सरकार ने अब तक 92 हजार नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। गहलोत के IPD टावर के दावों पर राठौड़ ने स्पष्ट किया कि बिना तैयारी के महज 50 करोड़ के टोकन बजट से इसकी घोषणा कर दी गई थी। कांग्रेस राज में केवल 12 मंजिलें बनी थीं, जबकि वर्तमान सरकार में 23वीं मंजिल का काम तेजी से चल रहा है।"

पेट्रोल-डीजल पर क्या बोले?

राजेंद्र राठौर ने विपक्ष के अन्य आरोपों के जवाब में कहा, "केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की है और देश में निर्मित ईंधन के निर्यात को रोकने के लिए शुल्क लगाया है। जमाखोरों के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं और 24 घंटे की हेल्पलाइन चालू है. साल 2016 तक राज्य में सिर्फ 8 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का काम किया जा रहा है।"

Created On :   29 March 2026 1:38 AM IST

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