Budget Session 2026: 'WTO में कांग्रेस ने सरेंडर किया था', राहुल गांधी के देश बेचने वाले आरोप पर निर्मला सीतारमण ने साधा निशाना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को लेकर भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी निंदा की। वित्त मंत्री ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए आरोपों को लेकर भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में आपने सरेंडर किया था, न कि हमने। इतना ही नहीं, निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देश में क्रेडिट की कोई कमी नहीं है। फर्टिलाइजर्स के लिए अलग से बजट अलॉट किया गया है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ेगी। वित्त मंत्री यही नहीं रुकी, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला।
निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर भी जवाब दिया। दरअसल, केंद्र सरकार के बजट 2026 को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि बजट में बंगाल के लिए कुछ नहीं है। बंगाल की जनता के हित में ये कुछ नहीं कर सकते हैं और कहते हैं कि केंद्र ने बंगाल को कुछ नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट में डांट खाओगे फिर कहोगे कि केंद्र सरकार कुछ नहीं दे रही है। इस दौरान निर्मला के पीछे बैठे गिरीराज सिंह ने कहा, 'बंगाल में बीजेपी आएगी।'
निर्मला सीतारमण ने कहा कि TMC नेता शायद कट मनी लेते होंगे इसलिए ऐसी बात कर रहे हैं। अगर केंद्र कुछ नहीं देता तो दिल्ली से कोलकाता में पेट्रोल 10 रुपए में क्यो जाता है?
ममता बनर्जी के बयान पर भी किया पलटवार
निर्मला सीतारमण ने CM ममता के बयान को आड़े हाथ लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गर्ल चाइल्ड हो, महिला हो तो रात के समय में बाहर नहीं आना। निर्मला ने कहा, 'यह गलत है। आप लॉ एंड ऑर्डर को इम्प्रूव नहीं कर रहे हो। सिर्फ महिलाओं के ऊपर दोष डालते जा रहे है।'
निर्मला सीतारमण ने कहा कि मछलीपालन और एनिमल हस्बेंड्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इससे किसानों और इसके लिए काम करने वालों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि केवल MSME ही नहीं पुराने बिजनेस को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार का जोर है।
200 पुराने क्लस्टर दशकों से उन जगहों के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने MSME को सपोर्ट किया और वे प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट करते हैं। यह लुधियाना, जालंधर, कानपुर या बिहार के पास के सेंटर हो सकते हैं। यह बंगाल में कहीं भी हो सकते हैं। हमने अपनी मर्जी से कहा है कि इसे फंड किया जा सकता है, अपग्रेड किया जा सकता है और मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट्स दिए जा सकते हैं।
Created On :   11 Feb 2026 11:26 PM IST












