कफ सिरप मामला: सफेद कपड़े में लिपटे बच्चों के पुतले लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन कफ सिरप का मामला जमकर गूंजा। कांग्रेस विधायकों ने बच्चों पर बढ़ते अत्याचार और कफ सिरप से प्रदेश में हुई मौतों पर सरकारी उपेक्षा के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने अपने साथ बच्चों के पुतले लेकर सरकार को घेरा।
कांग्रेस विधायकों सांकेतिक तौर पर सफेद कपड़े में लिपटे बच्चों के पुतले लेकर पहुंचे। विधायकों ने कफ सिरप मामले में विधानसभा परिसर में हंगामा किया। कांग्रेस विधायिका सेना पटेल ने पूतना के गैटअप मे विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार बच्चों के मामले में भी संवेदनशील नहीं है। छिंदवाड़ा में कई परिवारों के घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए, माताओं की गोद सूनी हो गई। लेकिन पूतना बनी सरकार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और समीक्षा करने की फुर्सत तक नहीं है।
अस्पतालों में ऐसी बदइंतज़ामी है कि बच्चों को चूहे तक कुतर दे रहे हैं, और सरकार इस पर चर्चा करने, जवाब देने और ज़िम्मेदारी तय करने से लगातार बच रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत और सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। जनता जानना चाहती है कि आखिर सरकार मासूमों की जान से खिलवाड़ होने पर भी खामोश क्यों है। बच्चों की मौत पर कांग्रेस विधायकों ने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही अब असहनीय हो चुकी है। जब सवाल मासूमों के जीवन का हो, तो विपक्ष चुप नहीं बैठेगा।
वहीं सदन के अंदर भी जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत का मुद्दा उठा। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने बच्चों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। कहा कि यह गंभीरता आपके रिकॉर्ड में नहीं है। जहरीली कफ सिरप से 22 से 24 बच्चे नहीं रहे। दीवाली का समय था उनके घरों के चिराग बुझ गए। उन्होंने कहा जिनके बच्चे शांत हुए हैं उनके परिवार के लिए मुआवजा होना चाहिए। वह सरकार नहीं दे पाई। अस्पताल में 10 से 15 लाख खर्च हुए इस पर विचार किया जाए।
एक मां की गोद उजड़ गई, एक बुढ़ापे का सहारा, बाप की जब कमर झुक जाती है तब वही सहारा बनता है। उस परिवारों में असहनीय दुख की स्थिति है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विलोपित करने की बात पर सिंघार ने कहा यह सरकार पर कोई आरोप-प्रत्यारोप नही है। मैने संवेदना व्यक्त की है। भावना की बात है। हम उनको मुआवजा दे सकते हैं तो क्या हम उनको याद नहीं कर सकते। सिंघार ने 8 बीएलओ की मौत पर भी संवेदना व्यक्त की ।
सिंघार के इस संवेदना पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा यह इसका एक प्रिस्क्राइब्ड प्रोसेस है। जिनका निधन उल्लेख में जिक्र है। उनका उल्लेख करें। यह कोई ध्यान आकर्षण या प्रदेश की स्थिति पर चर्चा नहीं हो रही। ऐसी चर्चा कर मर्यादा को खत्म कर रहे। परासिया के विधायक सोहन वाल्मीकि ने सदन में कहा कि प्रदेश में कोई घटना घटी है। उसका उल्लेख कर रहे हैं और श्रद्धान्जलि दे रहे हैं तो उसमें क्या आपत्ति होनी चाहिए। अगर आप उल्लेख करते तो यह बात ही नहीं आती।
Created On :   3 Dec 2025 12:40 AM IST













