पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: 'बाबरी मस्जिद' बनाने वाले हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो जारी, BJP से 1000 करोड़ की डील करने का लगाया आरोप

बाबरी मस्जिद बनाने वाले हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो जारी, BJP से 1000 करोड़ की डील करने का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के आगाज से पहले सियासी पारा हाई हो गया है। राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) ने हुमायूं कबीर से जुडा एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो जारी किया है।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के आगाज से पहले सियासी पारा हाई हो गया है। राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) ने निष्कासित नेता और भरतपुर विधायक हुमायूं कबीर से जुड़ा एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में टीएमसी ने कबीर और बीजेपी के बड़े नेताओं के बीच करोड़ों रुपयों की डील की चर्चा का दावा किया है। इस पूरे मामले में टीएमसी ने जांच की मांग की है।

बता दें, पिछले साल दिसंबर में मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखकर टीएमसी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर सुर्खियों में आए थे। इससे पहले टीएमसी ने हुमायूं को 'सांप्रदायिक राजनीति' करने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। टीएमसी ने कहा था कि हुमायूं बीते काफी समय से पार्टी लाइन से अलग बात कर रहे थे।

हुमायूं कबीर के बीजेपी से करोड़ों की डील करने का लगाया आरोप

टीएमसी के अनुसार, इस वीडियो में हुमांयू कबीर कथीत तौर पर 1000 कोरड़ रुपये की डील की चर्चा कर रहे हैं। इसमें 300 करोड़ रुपये एडवांस देने का जिक्र किया गया है।

इस दौरान टीएमसी पार्टी ने कथित डील में बीजेपी के दिग्गज नेताओं के शामिल होने का आरोप लगाया है। इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और पीएमओ का जिक्र किया गया है।

टीएमसी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया मुद्दा

इस मामले में टीएमसी नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो काफी गंभीर है। इससे बड़े राजनीतिक गठजोड़ की साजिश के संकेत मिलता है।

इस मामले में टीएमसी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की है। टीएमसी ने कहा कि इतने बड़े वित्तीय लेन-देन के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

वहीं, इस मामले को टीएमसी ने पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी साजिश करार दिया है। पार्टी ने एक बड़े राजनीतिक खेल का दावा किया है। इस मामले के सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में तनाव और वार-पलटवार तेज हो गया है।

Created On :   9 April 2026 4:38 PM IST

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