राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक, सचिन पायलट को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला

राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक, सचिन पायलट को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला
नाराज पायलट को सौंपी जा सकती है बड़ी जिम्मेदारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीनों का समय शेष रह गया है। ऐसे में दोबारा सत्ता में वापसी को लेकर कांग्रेस ने 6 जुलाई को दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में बड़ी बैठक में बुलाई है। इस बैठक में पार्टी आलाकमान के अलावा राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी हिस्सा लेंगे। जानकारी के मुताबिक, गहलोत जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेगे वहीं पायलट दिल्ली जाकर बैठक में हिस्सा लेंगे। चुनाव की रणनीति लेकर आयोजित होने वाली इस अहम बैठक में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि पार्टी आलाकमान सचिन पायलट को लेकर क्या फैसला सुनाती है जो गहलोत सरकार के विरोध में आंदोलन करने के बाद से शांत बैठे हुए हैं।

बता दें कि हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने चुनावी राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर चुका है। इसी क्रम में कल राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ भी बैठक की जाएगी। बैठक में पार्टी अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी द्वारा चुनावी रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही राज्य के नेताओं की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

आमने-सामने आ सकते हैं गहलोत और पायलट

कहा जा रहा है कि यह बैठक सिर्फ चुनावी तैयारियों को लेकर हो रही है। इस बैठक में मौजूद सूबे के सभी प्रमुख नेताओं से फीड बैक लिया जाएगा। गहलोत–पायलट विवाद पर बैठक में चर्चा होने की उम्मीद नहीं है। लेकिन सियासी जानकारों का यह भी कहना है कि जब बैठक में सीएम गहलोत अपनी सरकार की खूबियों का बखान करेंगे तो इसके जवाब में पायलट उनकी सरकार खामियों को गिना सकते हैं।

गौरतलब है कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के कार्यकाल में राज्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर कोई एक्शन न लेना का आरोप लगाकर पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने सरकार के विरोध में पदयात्रा की थी।

आलाकमान के लिए सिरदर्द बना पायलट-गहलोत विवाद

पायलट और गहलोत के बीच चल रहा विवाद पार्टी आलाकमान के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। आलाकमान को डर है कि इन दोनों की लड़ाई का फायदा कहीं बीजेपी चुनाव में न उठा ले। हाल ही में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने दोनों को साथ बिठाकर पार्टी हित में एकजुट रहने को कहा था। इस मीटिंग के बाद पायलट को लगा था कि आलाकमान द्वारा उनकी मांगों को सुना जाएगा। लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी ना तो उनकी की मांगों को लेकर कोई कार्रवाई हुई और ना ही उन्हें कोई पद दिया गया। बैठक में आलाकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही रहेगी कि पायलट को ऐसी क्या जिम्मेदारी सौंपी जाए जिससे उनकी नाराजगी दूर हो जाए।

सचिन पायलट पर हो सकता है बड़ा फैसला

माना जा रहा है कि इस बैठक में अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे सचिन पायलट को मनाने के लिए आलाकमान उन्हें पार्टी महासचिव या फिर चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बना सकता है।

वहीं कुछ सियासी जानकारों का यह भी कहना है कि इस बैठक में आलाकमान सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकता है। क्योंकि पिछले दिनों हुई छत्तीसगढ़ की बैठक में बघेल सरकार से नाराज चल रहे टीएस सिंह देव को मनाने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलट को लेकर भी ऐसा ही फैसला सुनाया जा सकता है।

अब देखना होगा कि कल होनी वाली बैठक में कांग्रेस पायलट को लेकर क्या निर्णय लेती है और क्या पायलट पार्टी के फैसले को मानते हैं। पार्टी इस बात को भलीभांति जानती है कि बिना गहलोत और पायलट के मतभेद खत्म किए बिना चुनाव जीतना आसान नहीं किया होगा।

Created On :   5 July 2023 6:03 PM GMT

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