Sonam Wangchuk: '6 महीने तक एक बेकसूर इंसान को जेल...' सोनम वांगचुक की रिहाई पर AIMIM पार्टी के नेता वारिस पठान ने केंद्र सरकार को घेरा

6 महीने तक एक बेकसूर इंसान को जेल... सोनम वांगचुक की रिहाई पर AIMIM पार्टी के नेता वारिस पठान ने केंद्र सरकार को घेरा
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई पर लगातार बयानबाजी हो रही है। इसी क्रम में AIMIM पार्टी के नेता वारिस पठान की प्रतिक्रिया सामने आई है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई पर लगातार बयानबाजी हो रही है। इसी क्रम में AIMIM पार्टी के नेता वारिस पठान की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने वांगचुक के जेल से रिहा होने पर खुशी जाहिर की है। इसके साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने का काम किया है। उन्होंने सरकार के सामने सवाल उठाए कि उसने 6 महीने तक एक बेकसूर इंसान को जेल भेज दिया था। जिसकी भरपाई कौन करेगा?

सरकार ने हटाया कानून

वारिस पठान ने न्यूज एजेंसी आईएनएस से चर्चा करते हुए कहा, "ये बड़ी खुशी की बात है कि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जोधपुर जेल से रिहा हो गए। सरकार ने उनके खिलाफ जो कानून लगाया था उसे हटा दिया। तो मैं पूछना चाहूंगा कि सोनम वांगचुक ने जो 6 महीना जेल में बिताया, जो बेकसूर थे, उनके 6 महीने की जेल की भरपाई कौन करेगा। ये एक रोल मॉडल हैं, जिनके ऊपर फिल्म भी बनी थी 'थ्री इडियट्स' अगर आपको याद होगा।"

संविधान के हिसाब से कर रहे थे प्रदर्शन

AIMIM ने का आगे कहना है, "ये उस तरह के व्यक्ति हैं जो जलवायु के मुद्दे को लेकर इतनी लड़ाई लड़ रहे थे। वो संवैधानिक तौर से अपना प्रदर्शन कर रहे थे। उनके ऊपर आप इतनी सख्त धाराएं लगाकर उन्हें जेल में डाल देते हो, बाद में 6 महीने के बाद उनको छोड़ दिया जाता है। बड़ी खुशी की बात है छोड़ दिया लेकिन सरकार की नीति पर मेरा सवाल है कि आपने 6 महीने एक बेकसूर इंसान को जेल में डाल दिया। हम तो यह भी चाहेंगे कि लद्दाख के अन्य लोगों को जिन्हें धरना-प्रदर्शन के दौरान जेल में डाल दिया गया था, उनको भी सरकार रिहा कर दे।"

सोनम वांगचुक की क्यों हुई गिरफ्तारी

लेह में सोनम वांगचुक जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्ज दिलाने के लिए शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे थे। इसके दो दिन बाद यानी 26 सितंबर, 2025 को अचानक हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। इसके बाद लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया। यहां से उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचा दिया। इस मामले में शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करते हुए एनएसए को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया।

Created On :   15 March 2026 12:28 AM IST

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