नक्सलवाद उन्मूलन: नक्सलवाद खत्म होने पर कोई हक जमाए तो दुर्भाग्यपूर्ण, विपक्षी नेताओं ने एनडीए सरकार पर साधा निशाना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर शिवसेना(UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा जिस तरीके से UPA के कार्यकाल से नक्सलवाद पर कार्रवाई शुरू हुई थी और अब आकर खत्म होने का श्रेय ले रहे हैं तो उसमें केवल एक सरकार का योगदान नहीं हो सकता है। एक निरंतर प्रक्रिया होती है, कोई इस पर हक जमाए तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
नक्सलवाद पर अमित शाह के बयान पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा आज 31 मार्च है और नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। पूरे देश से नक्सलवाद की छुट्टी हो चुकी है। जो इक्का-दुक्का जो बचे भी होंगे वे सरेंडर कर चुके हैं या कर रहे हैं।"
नीतीश कुमार के MLC पद से इस्तीफे पर LJP (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, "मेरे पिता ने उन्हें राजनीति में अपना मानस पिता माना था। हमारे परिवार के लिए वे केवल नेता नहीं बल्कि परिवार के सदस्य हैं। भले हीं वे राजनीति से जा रहे हैं लेकिन बिहार उन्हें कभी नहीं भूलेगा। उन्हें हमेशा महिला सशक्तिकरण, न्याय, समानता, सामाजिक न्याय के लिए याद रखेगा। ऐतिहासिक बिहार के गौरव को किसी ने वापस लाने का काम किया है तो वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं।
भारत आदिवासी पार्टी नेता राजकुमार रोत ने कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का उन्मूलन हो जाएगा, नक्सलवादियों से आदिवासी समुदाय जुड़ा हुआ है। अगर वहां से कोई विस्थापित हुआ है तो वह आदिवासी है, भाजपा की ओर से किसी आदिवासी लीडर ने बात नहीं रखी, यह आदिवासियों से जुड़ा हुआ मुद्दा है, क्या आदिवासियों के हक की बात करना नक्सलवाद ।
समाजवादी पार्टी के नेता छोटे लाल ने कहा नक्सलवाद के बढ़ने का असली कारण शिकायतों पर सुनवाई न होना था और इसी कारण नक्सलियों ने हथियार उठाए थे, वहां किसी प्रकार की सुनवाई नहीं है, जब तक वहां कॉलेजों की स्थापना नहीं होगी तब तक विकास नहीं हो पाएगा।
Created On :   31 March 2026 11:59 AM IST












