विधानसभा चुनाव 2026: कभी कांग्रेस और CPI(M) का गढ़ रह चुकी पूर्वस्थली दक्षिण विधानसभा अब है टीएमसी का अभेद किला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की पूर्वस्थली दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का गठन 1951 में हुआ, यह एक सामान्य सीट है, जिस पर अभी तक 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके है। जो पूर्व बर्धवान जिले में आता है। लगभग पचास वर्षों तक इस क्षेत्र में कांग्रेस और CPI(M) की पकड़ मजबूत रही। 1951 से 1962 तक लगातार तीन बार कांग्रेस ,इसके बाद 1967, 1969 और 1971 में CPI(M) ने लगातार तीन चुनावों में जीत दर्ज कीं। कांग्रेस की आखिरी जीत 1972 में हुई, उसके बाद 1977 से 2006 तक CPI(M) ने 7 बार लगातार इस सीट पर कब्जा जमाया।
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2008 में परिसीमन आयोग की वजह से विधानसभा की नई सीमाएं निर्धारित होने से इलाका का सियासी गणित भी बदला। 2011 में जीत की तस्वीर बदली, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार यहां से चुनाव जीता। तब से अब तक यहां की जीत टीएमसी के खाते में जाती रही है। यानि यहां टीएमसी मजबूत स्थिति में है। 2011 से टीएमसी ने लगातार तीन जीत हासिल की है। टीएमसी के स्वपन देबनाथ ने तीन चुनावों में तीन अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों को चुनाव में मात दी। लेकिन बीजेपी का लगातार बढ़ता वोट परसेंट कभी भी जीत की हवा बदल सकता है।
शहर की तुलना में ग्रामीण वोट बैंक अधिक है। यहां करीब 25 फीसदी एससी, 28 फीसदी मुस्लिम और 8 फीसदी एसटी वोटर्स जीत में अहम भूमिका निभाता है। कृषि यहां की आर्थिक रीढ़ है। यहां कई प्रमुख प्रसिद्ध बौद्ध मठ है।
Created On :   31 March 2026 2:10 PM IST














