पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: दांतन विधानसभा सीट के चुनाव में होना है BJP-TMC के बीच कड़ा मुकाबला, कभी कांग्रेस -सीपीआई का रहा था दबदबा

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। 1951 में गठित दांतन विधानसभा सीट एक सामान्य असेंबली सीट है। विधानसभा में ग्रामीण वोटर्स की संख्या अधिक है। दांतन के राजनीतिक सफर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं।
आपको बता दें दांतन की राजनीतिक बड़ी उथल-पुथल वाली रही है। कभी लेफ्ट-कांग्रेस का गढ़ रही सीट पर अब प्रभाव फीका पड़ गया है। पिछले तीन चुनावों में तीन परसेंट से भी कम वोट मिला हैं। उतार-चढ़ाव भरे चुनावी इतिहास और SIR की वजह से दांतन में 2026 का विधानसभा बड़ा चुनौती पूर्ण रहने वाला है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। क्योंकि पिछले चुनाव में जीत का मार्जिन बहुत ही कम था।
शुरुआती दशकों में कांग्रेस और सीपीआई का गढ़ रही है। इसके बाद तीन दशक से अधिक समय तक यहां सीपीआई का कब्जा रहा, उसने इस सीट को 7 बार जीता। CPI ने 1971 में अपना पहला चुनाव जीता।यहां CPI एक बड़ी ताकत के रूप में उभरी और उसने लंबे समय तक मोनोपॉली में रही। CPI का लंबा राज 1981 में शुरू हुआ, सीपीआई के बाद इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने पैर जमाकर अपना गढ़ बना लिया।
आपको बता दें गठन से अब तक यहां 17 असेंबली चुनाव हो चुके है, पहले चुनाव में भारतीय जनसंघ ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस और बांग्ला कांग्रेस को दो-दो। 2011 से इस सीट पर निरंतर टीएमसी की जीत हो रही है। बीजेपी का बढ़ता वोट परसेंट टीएमसी के लिए चिंता पैदा कर रहा है। पिछले चुनाव में बीजेपी दूसरे नबंर पर रही। यहां किसी एक समुदाय का दबदबा नहीं है, करीब 10 फीसदी एससी, 7 फीसदी एसटी व 12 फीसदी मुस्लिम मतदाता है।
Created On :   31 March 2026 1:33 PM IST












