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  • Ashok Gehlot can become the next Captain Amarinder Singh, there are indications of this, there may be a big upheaval in Rajasthan after the Gujarat elections! Gehlot again gave a statement on Sachin Pilot

गहलोत की कुर्सी जाएगी या बचेगी?: अशोक गहलोत बन सकते अगले कैप्टन अमरिंदर सिंह, मिले रहे इसके संकेत,गुजरात चुनाव के बाद हो सकता है राजस्थान में बड़ा उलटफेर! गहलोत ने सचिन पायलट पर फिर बड़ा बयान

November 24th, 2022

डिजिटल डेस्क,जयपुर।  राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच एक बार फिर से विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष पद से अचानक नाम वापस लेने के बाद अशोक गहलोत बीते महीने से शांत दिखाई दे रहे थे लेकिन गुरुवार को एक बार फिर से गहलोत ने सचिन पायलट पर नराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक इंटरव्यू के दौरान सचिन पायलट पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने सचिन पायलट को गद्दार नेता की संज्ञा दे दी। सीएम गहलोत ने विधायको का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे समर्थन में इस वक्त 102 विधायक है, वहीं पायलट के पास इस समय 10 विधायक भी मौजूद नहीं है। गहलोत ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने को लेकर सीधे तौर पर कहा कि वह कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते है। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा कि शांत पड़े गहलोत अचानक क्यों भड़क उठे हैं। 

गुजरात चुनाव के बाद राजस्थान में हो सकता बड़ा उलट फेर

दरअसल अशोक गहलोत के बयान के पीछे की बड़ी वजह उनके और सचिन पायलट के करीबी नेता प्रमोद कृष्णम का दो दिन पहले दिया गया बयान को माना जा रहा है। जिसमें प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि राजस्थान की सियासत में जल्द ही बड़े बदलाव हो सकते है। मामला तो तब गड़बड़ाता दिखाई दिया जब अजय माकन ने चिट्ठी लिखकर राजस्थान के प्रभारी पद को छोड़ने की बात कही। ऐसा माना जा रहा है कि उनका इशारा सीधे तौर पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की ओर था, जिनके पीछे की बड़ी वजह सीएम गुट के विधायकों का मीटिंग में न आना माना जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक गुजरात चुनाव के बाद राजस्थान में बड़ा उलट फेर हो सकता है। शायद यहीं वजह कि राजस्थान के सीएम के लिए यह 'करो या मरों' की स्थिति है।

अगले कैप्टन अमरिंदर सिंह बन सकते है अशोक गहलोत

सीएम गहलोत की चिंता इसलिए भी बढ़ती दिखाई दे रही क्योंकि ऐसा ही मामला पंजाब में देखने को मिला था। जब अलाकमान के आदेश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक ही झटके में सीएम की कुर्सी खाली करनी पड़ी थी। जिसके बाद वे कही के नही रहें। ऐसे में अशोक गहलोत को लगने लगा है कि वह पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष पद की कुर्सी ठुकरा चुके हैं। यदि ऐसे में सचिन पायलट राजस्थान के सीएम बन जाते है तो फिर उनकी पकड़ राजस्थान में कमजोर हो सकती है।सीएम गहलोत ऐसा कभी नहीं चाहेंगे। यही वजह है कि अशोक गहलोत ने सचिन पायलट के खिलाफ बेहद तीखे तेवर अख्तियार किए हुए हैं और सचिन पायलट पर शब्दों के जरिए वार करने से पीछे नहीं हट रहे है। 

अशोक गहलोत के लिए यह 'करो या मरो' स्थिति 

राजनीतिक जानकारों की अनुसार यदि सीएम अशोक गहलोत ने पार्टी के अध्यक्ष पद को ही अस्वीकार कर दिए है तो वह किसी हालत में रुकने वाले नहीं है। वहीं दूसरी ओर सचिन पायलट के लिए खुद को स्थापित करने का यह बड़ा मौका माना जा रहा है। फिर रही बात गहलोत की इस तीखे बयान की, तो इसे राजस्थान में आने वाली भारत जोड़ों यात्रा को लेकर भी देखा जा रहा है। जो राजस्थान में झालावाड़, दौसा जैसे इलाकों से गुजरेगी। बता दें कि यह इलाका गुर्जर बहुल है। जहां सचिन पायलट के चाहने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। स्वाभाविक है जब राहुल गांधी की यात्रा इन सभी जगहों से गुजरेगी तो उन्हें सचिन पायलट का काफी ज्यादा क्रेज देखने को मिलेगा। जो सीएम गहलोत के लिए चिंता का बिषय बना हुआ है। इसलिए भी अशोक गहलोत की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है और वे ऐसे वक्त में सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिए है ताकि पायलट को बढ़त न मिले।