निर्दलीय प्रत्याशी को न्यायिक हिरासत: हत्या की आरोपी जेबा बतौर निर्दलीय लड़ रहीं चुनाव, हिरासत के बाद बीजेपी पर लगाए आरोप

February 21st, 2022

हाईलाइट

  • जामिया से जेल : हत्या की आरोपी जेबा बतौर निर्दलीय लड़ रहीं चुनाव

डिजिटल डेस्क, तुलसीपुर। जामिया मिलिया इस्लामिया से जनसंचार में पास आउट जेबा रिजवान उत्तर प्रदेश के तुलसीपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं, क्योंकि समाजवादी पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। जेबा पर चुनाव से ठीक पहले एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार की हत्या का आरोप लगाया गया है और अब वह न्यायिक हिरासत में हैं।

बलरामपुर जेल में बंद रहने के दौरान जेबा अपने गृहक्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। वह 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और दूसरे स्थान पर आई थीं, बाद में उनका परिवार समाजवादी पार्टी में चला गया लेकिन हत्या के आरोप के कारण पार्टी ने आखिरी समय में टिकट बदल दिया और इसलिए उन्होंने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। उनके पिता रिजवान जहीर भी तीन दशक पहले पहली बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे। बाद में वे बलरामपुर से सांसद भी बने।

हालांकि, जेबा के परिवार के सदस्य और करीबी कुरान की कसम खाते हैं और कहते हैं कि उन्हें यूपी पुलिस ने फंसाया है और उनका हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। रिजवान जहीर पूरे परिवार को फंसाने के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हैं।

परिवार के एक करीबी सहयोगी मोहम्मद खुर्शीद चंद ने एक वीडियो में कहा, वह जेबा के इशारे पर पवित्र किताब की शपथ ले रहे हैं, ताकि लोगों को बता सकें कि जेबा और उसके परिवार को विरोधियों ने फंसाया है और हम लोगों की अदालत में न्याय और स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं।

वीडियो और पोस्टर में जेल में बंद पूर्व सांसद और उनकी बेटी की फोटो है और बैकग्राउंड में उनकी आजादी का गाना बज रहा है।

परिवार का कहना है कि ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव के बाद से सपा को परिवार के खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी है, जब पूर्व सांसद को विभिन्न आरोपों में जेल भेजा गया था।

परिवार के समर्थक भी समाजवादी पार्टी के नेतृत्व से नाराज हैं, जिसने पीड़िता के परिवार द्वारा आरोपी के विरोध के बाद उसे टिकट देने से इनकार कर दिया। इस सीट पर छठे चरण में मतदान होना है।

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर और उनकी बेटी जेबा रिजवान और उनके पति रमीज को जनवरी में स्थानीय पुलिस ने तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज पप्पू की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।

फिरोज पप्पू की 5 जनवरी को उसके घर के बाहर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कहा कि रिजवान जहीर पर पहले से ही 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) का एक मामला भी शामिल है।

बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी), हेमंत कुटियाल ने कहा कि रिजवान जहीर आगामी चुनाव में अपनी बेटी जेबा को मैदान में उतारने की योजना बना रहे थे, लेकिन फिरोज पप्पू की भी इसी टिकट पर नजर थी।

आईएएनएस