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बिहार चुनाव को प्रवासी मजदूरों के वोट करेंगे प्रभावित

June 11th, 2020 16:01 IST
 बिहार चुनाव को प्रवासी मजदूरों के वोट करेंगे प्रभावित

हाईलाइट

  • बिहार चुनाव को प्रवासी मजदूरों के वोट करेंगे प्रभावित

पटना, 11 जून (आईएएनएस)। बिहार में कोरोना संक्रमण काल में अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग वापस अपने घर लौटे हैं। माना जा रहा है कि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में ये प्रवासी मजदूर अहम भूमिका में होंगे। यही कारण राज्य के सभी राजनीतिक दल इन प्रवासी मजूदरों को लुभाने में जुटे हैं।

सरकारी आंकडों की मानें तो कोरोना काल और लॉकडाउन के दौरान बिहार में अबतक करीब 25 लाख प्रवासी लौट चुके हैं। इनमें करीब 15 लाख से अधिक क्वारंटीन सेंटरों में रह चुके हैं। इनके अतिरिक्त बिहार में पैदल, बस और अन्य साधनों से भी वापस अपने गांव लौटे हैं।

इसमें से कई लोग ऐसे भी बताए जाते हैं कि जिनका यहां के मतदाता सूची में नाम नहीं हैं तथा इनमें कई ऐसे भी लोग हैं, हाल के दिनों में 18 वर्ष की आयु पूरी किए हैं।

बिहार निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि प्रवासी मजदूरों के नाम मतदाता सूची में डालने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में तय माना जा रहा है कि बिहार में मतदाताओं की संख्या कम से कम 15 लाख बढ़ेगी। बिहार में फिलहाल 7 करोड़ 18 लाख मतदाता हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव के परिणाम को देखें तो जीत-हार का अंतर औसतन 30 हजार वोटों का रहा था। ऐसे में तय माना जा रहा है कि इस साल के अंत में होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव में इन प्रवासी मजदूरों का वोट महत्वपूर्ण होगा। ऐसा नहीं कि प्रवासी मजदूर किसी खास इलाकों में पहुंचे है। ये प्रवासी मजदूर करीब सभी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे हैें।

उल्लेखनीय है कि बिहार के सभी राजनीतिक दल प्रवासी मजूदरों को साधने में जुटे हैं। यही कारण है कि सभी दल उनके सबसे अधिक शुभचिंतक साबित करने में लगे हैं। बिहार में सत्तारूढ़ दल जहां प्रवासी मजदूरों को हर सुविधा देने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर प्रवासी मजदूरों को लेकर निशाना साध रही है।

बिहार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री नीरज कुमार कहते हैं कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है और सरकार द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा, कोरोना संक्रमण से बचाव एवं लॉकडाउन पीरियड को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा लोगों को अनेक प्रकार से राहत पहुंचाई जा रही है। लोगों को राहत प्रदान करने में अभी तक 8,538 करोड़ रूपये से अधिक की राशि व्यय हुई है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से किसानों की जो फसल क्षति हुई है, उसके लिए 730 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं। कोरोना उन्मूलन कोष का गठन किया गया है। इसमें करीब 180 करोड़ रूपये का प्रावधान कोविड संक्रमण से निपटने के उपायों एवं स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों एवं दवाओं की खरीद के लिए किया गया है।

इधर, विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव प्रवासी मजदूरों को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। राजद का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए कोई उपाय नहीं किया और उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया।

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