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  • We will win the war with Corona and will also speed up the economy in Uttarakhand: Chief Minister Trivendra Singh Rawat

दैनिक भास्कर हिंदी: Exclusive interview:उत्तराखंड के CM त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले- बहुत जल्दी रफ्तार पकड़ेगी देश की अर्थव्यवस्था

April 27th, 2020

हाईलाइट

  • हम कोरोना से जंग जीतेंगे और उत्तराखंड में अर्थव्यवस्था को रफ्तार भी देंगे : CM रावत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली, 26 अप्रैल(आईएएनएस)। कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में उत्तराखंड आगे नजर आ रहा है। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की दिशा में यह देश में तीसरे नंबर का राज्य बन गया है। यहां दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम, अब तक सिर्फ 48 केस सामने आए हैं। खास बात है कि राज्य में अब तक एक भी मौत नहीं हुई है। कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई की कमान खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत संभाले हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहते हैं कि सभी कोरोना वॉरियर्स के सहयोग के कारण ही मुहिम में सफलता मिल रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधारने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी। रोजगार पैदा करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय समिति से लेकर उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जा रही है। पेश है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इंटरव्यू के प्रमुख अंश...

सवाल- लॉकडाउन में रोजगार ठप हो गया। तमाम असंगठित क्षेत्र के कामगारों के सामने रोजी-रोटी की चिंता खड़ी हुई। इनके लिए राज्य सरकार क्या कर रही है? अभी तीन मई तक लॉकडाउन चलेगा। आप राज्य की जनता से क्या अपील करना चाहेंगे?

जवाब- हम धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों को सावधानी के साथ शुरू कर रहे हैं। सरकार को इसकी चिंता है इसलिये ही निजी और सरकारी निर्माण कार्यो की अनुमति दिये जाने के लिए भी कहा है। पुलिस प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को कहा गया है। घर से बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग जरूरी है।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया जाएगा। उपसमिति ये देखेगी कि कोविड-19 की वजह से जो अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है उसकी हम कैसे भरपाई कर सकते हैं, कैसे हम लोकल रोजगार पैदा कर सकते हैं, अपने नौजवानों को काम दे सकते हैं और जो गरीबों की आर्थिकी को कैसे मजबूत कर सकते हैं। मंत्रिमंडलीय उप समिति में राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत और रेखा आर्या सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके साथ ही हमारे प्रदेश के जो भी प्रवासी लोग हैं, विभिन्न क्षेत्रों में जिनका अपना स्थान है, उनसे हम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर सुझाव लेंगे।

लॉकडाऊन के बाद किस तरह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी जा सकती है, लोगों को आजीविका और रोजगार कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है, इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इंदुकुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में भी एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। हम उद्योग, कृषि, पशुपालन, हार्टिकल्चर, पर्यटन, आदि के विशेषज्ञों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं। प्रदेश की जनता ने हमें पूरा सहयोग किया है। थोड़ा धैर्य और संयम और बनाए रखना है। हम कोरोना से लड़ाई भी जीतेंगे और आर्थिकी भी सुधारेंगे।

सवाल- लॉकडाउन के दूसरे चरण में गृह मंत्रालय ने शर्तो के साथ कुछ उद्योग-धंधों और सेवाओं के संचालन की छूट दी है। उत्तराखंड में अब तक सरकार ने किन कार्यो को करने की छूट दी है और क्या सावधानियां बरती जा रही हैं?

जवाब- हमने भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक वस्तुओं, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, सप्लाई चेन के लिए आवश्यक विनिर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग और ईंट भट्टे आदि को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए आवश्यक शर्तो के साथ अनुमति दी है।

सवाल- उत्तराखंड सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए क्या कुछ लीक से हटकर कदम उठाए हैं?

जवाब- हमने लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई इनोवेटिव कदम भी उठाए हैं। जन आपूर्ति एप भी ऐसा ही प्रयास है। इसके माध्यम से घर बैठे ही आवश्यक वस्तुओं को मंगाया जा सकता है। प्रदेश की जनता इस ऐप को काफी पसंद कर रही है। क्योंकि उन्हें जरूरी सामानों के लिए बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती।

सवाल- लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या हो रहा है?

जवाब- लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। इस दिशा में स्पष्ट आदेश हैं। लॉकडाउन का उल्लघंन करने पर प्रदेश में 25 अप्रैल तक कुल 2150 अभियोगों में 9671 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही अभी तक एमवी एक्ट के अन्तर्गत कुल 24342 वाहनों के चालान, 5203 वाहन सीज एवं 01.20 करोड़ रुपये संयोजन शुल्क की वसूली की गई।

सवाल- राज्य में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की चेन न टूटने पाए, इस दिशा में सरकार ने क्या प्रयत्न किए हैं? राज्य सरकार स्वरोजगार बढ़ाने की दिशा में क्या कर रही है?

जवाब- हमने कोशिश की है कि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बाधित न हो। दवा निर्माण इकाइयां, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां, आटा मिलों का संचालन सुनिश्चित किया गया। इस बात का भी ध्यान रखा गया कि कृषि व कृषि संबंधित कार्य प्रभावित न हों। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पर्याप्त समय तक खोली गई।

सवाल- अब तक सरकार ने राज्य के कितने जरूरतमंदों को राशन आदि का वितरण किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के पैकेज का राज्य की जनता को कितना लाभ मिला है? राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जन-धन खाता धारकों के कितने लाभार्थियों तक मदद पहुंची है?

जवाब- आमजन को राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सभी सम्भावित कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में निशुल्क ईलाज किया जा रहा है। स्कूलों को लॉकडाऊन की अवधि में फीस मांगने पर रोक लगाई है। राज्य के खाद्य तेल विनिमार्ताओं को 50 प्रतिशत स्टाक राज्य के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिये हैं।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अन्त्योदय अन्न योजना व प्राथमिक परिवारों के लिए अप्रैल से जून तक प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो चावल का अतिरिक्त आवंटन मुफ्त में किया जा रहा है। पेयजल और सीवर सुविधा के सभी प्रकार के उपभोक्ताओं के बकाए की वसूली 31 मई तक स्थगित की गई है। बिजली उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है।

बाजार में आटे की पर्याप्त उपलब्धता रहे, इसके लिए आटा मिलों का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया गया है। भारतीय खाद्य निगम डिपो से राज्य में कार्यरत आटा मिलों को गेहूं आवंटित करवाया जा रहा है। राशन की दुकानों को गेहूं, चावल, चीनी, दाल व मिट्टी तेल के साथ ही पैक्ड आटा, खाद्य तेल, अन्य दालें, आयोडाइज्ड नमक, चाय, मसाले, साबुन, टूथपेस्ट, माचिस, मोमबत्ती, सेनेटाइजर, मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों, बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता घर पहुंचाकर की जा रही है।

ईएसआई में पंजीकृत श्रमिकों को प्रतिमाह एक हजार रूपये दिए जा रहे हैं। ऐसे श्रमिक जो पंजीकृत नहीं हैं, और अन्य जरूरतमंदों की तत्काल सहायता के लिए जिलाधिकारियों को सीएम राहत कोष से कुल मिलाकर 30 करोड़ रुपये दिये गये। कृषि से संबंधित उत्पादों और पशु आहार को भी आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया गया है।

सहकारी बैंकों से फसलों एवं कृषि के लिए किसानों द्वारा लिए गए ऋण के भुगतान के लिए 3 माह की समयावधि बढ़ा दी गई है। प्रदेश में इस तरह के लगभग तीन लाख 50 हजार किसान हैं जिन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत लोन लिया है। खाद्यान सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी नागरिकों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहत अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत 35 किग्रा राशन गेहूं और चावल के रूप में तीन माह का राशन उपलब्ध रहेगा। खाद्यान सुरक्षा योजना सफेद कार्ड धारक को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम चावल, दाल फ्री उपलब्ध कराया जाएगा। उन दोनों कार्ड से अलग 40 लाख यूनिट वाले 10 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किग्रा0 राशन की मात्रा को दोगुना कर 15 किग्रा राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई, और जून तीन माह के लिए वितरण किया जाएगा। जिसके पास कोई भी राशन कार्ड नहीं होगा उन्हें भी राशन किट दिया जाएगा।