विधानसभा चुनाव 2026: पेरम्बूर में मतदाताओं का मिजाज मुद्दा-आधारित और प्रदर्शन परखने वाला होता है, प्रतिनिधि की समस्याओं पर संवेदनशीलता और सक्रियता को देखते है वोटर्स

पेरम्बूर में मतदाताओं का मिजाज  मुद्दा-आधारित और प्रदर्शन परखने वाला होता है, प्रतिनिधि की समस्याओं पर संवेदनशीलता और सक्रियता को देखते है वोटर्स
पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र में विकास की चर्चा नए विस्तार से ज्यादा पुनर्विकास और रख-रखाव पर केंद्रित है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 234 विधानसभा सीट वाले तमिलनाडु में पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र की अलग पहचान है। विधानसभा की राजनीतिक पहचान व्यक्तिवादी राजनीति से ज्यादा रोजमर्रा की नागरिक सुविधाओं, लोकल प्रशासन और आजीविका की स्थिरता से जुड़ी है। यहां फैक्ट्री व प्राइवेट सेक्टर के कामगार, रेलवे और PSU कर्मचारी,छोटे व्यापारी, असंगठित मजदूर, प्रवासी और लंबे वक्त से बसे परिवारों का मिला-जुला समाज रहता है। इन्हीं के संगठित यूनियन और स्थानीय सामुदायिक नेता यहां राजनीतिक राय बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

यहां के कुछ इलाकों में जल निकासी और पानी की आपूर्ति की मांग रहती है, यहां विकास की चर्चा नए विस्तार से ज्यादा पुनर्विकास और रख-रखाव पर केंद्रित है। बारिश के मौसम में जल भराव, सड़कों की खस्ता हालात, पेयजल की समस्या, शिक्षा, स्कूल और सड़क यहां के प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल रहते है। युवाओं के शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों चुनाव में छाए रहते है। मतदाताओं का मिजाज पूरी तरह मुद्दा-आधारित और प्रदर्शन परखने वाला होता है, मतदाता प्रतिनिधियों में विचारधारा से अधिक रोजमर्रा की शहरी समस्याओं पर संवेदनशील और सक्रियता को देखते हैं।

चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार 234 विधानसभा सीट वाले तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। जबकि मतगणना 4 मई को होगी। आपको बता दें मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई तक है। वैसे तो तमिलनाडु की राजनीति डीएमके और एआईएडीएमके इर्द गिर्द घूमती है,लेकिन अबकी बार अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कजगम यानी टीवीके के चुनावी मैदान में आने से पूरे राज्य में राजनीति का नया मोड़ आ गया है।

Created On :   30 March 2026 2:22 PM IST

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