विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु की कांचीपुरम विधानसभा सीट, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक के साथ साथ रखती है राजनीतिक महत्व

तमिलनाडु की कांचीपुरम विधानसभा सीट,  ऐतिहासिक व सांस्कृतिक के साथ साथ रखती है राजनीतिक महत्व
डीएमके के संस्थापक और तमिलनाडु के पूर्व सीएम सी.एन. अन्नादुरई का जन्म कांचीपुरम में हुआ था ,उन्होंने इसी क्षेत्र से 1957 में इलेक्शन जीता था।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांचीपुरम विधानसभा सीट का अपना एक अलग ही महत्व है। कांचीपुरम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर है। मंदिरों और रेशम बुनाई के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस शहर को हजार मंदिरों का शहर और प्रसिद्ध कांचीपुरम सिल्क साड़ियों के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक सांस्कृतिक के साथ साथ यह स्थान राजनीतिक नजरिए से भी अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां डीएमके के संस्थापक और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई का जन्म हुआ था और उन्होंने इसी क्षेत्र से 1957 में इलेक्शन जीता था।

मतदाताओं की मनोदशा के मुताबिक बुनकर रोजगार गारंटी , सब्सिडी, आवास और मार्केट तक पहुंच चाहते हैं। वोटर्स बेसिक सुविधाओं को प्राथमिकता देता है। ना केवल पुरुष मतदाता बल्कि महिला मतदाताएं भी वाटर , हेल्थ और सुरक्षा को चुनाव में प्रमुख मुद्दा मानती है। जबकि बुज़ुर्ग और तीर्थयात्री पैदल चलने की सुविधा और सार्वजनिक सुविधाओं को अधिक महत्व देते हैं। इन सब बातों से ये साफ तौर कहा जा सकता है कि कांचीपुरम निर्वाचन क्षेत्र में आस्था, रेशम, इतिहास और शासन आपस में गहराई से नाता रखते हैं।

पुराणों में इस शहर को नागरेषु कांची कहा गया है। पारंपरिक उद्योग और तीर्थयात्रा यहां की अर्थव्यवस्था के दो प्रमुख आधार स्तंभ है। कांचीपुरम में जाति और पेशागत संगठन, विशेष तौर पर बुनकर समुदाय प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद यहां वोटर्स के मन में सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और रोजगार की सुरक्षा अधिक महत्व रखती है।

Created On :   30 March 2026 12:36 PM IST

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