यूपी विशेष सत्र: सदन महिला सशक्तिकरण पर चर्चा, वित्त मंत्री का बड़ा बयान, नकारात्मक भूमिका वाले लोगों को बेनकाब किया जाएगा

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में UP के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण पर अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा संविधान में इस पर एक बड़ी बहस हुई थी।
यह भी पढ़े -BJP की पदयात्रा पर अखिलेश यादव का तंज, महिलाओं को बिना जानकारी के जबरन शामिल करने का लगाया आरोप
मंत्री खन्ना ने आगे कहा डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि आरक्षण धार्मिक आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए, और जो कोई भी इसके विपरीत जोर देता है, उसने या तो संविधान पढ़ा नहीं है या उसे समझा नहीं है। 30 तारीख को एक विशेष सत्र बुलाया गया है, जहाँ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। सदन महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करेगा और उन लोगों को बेनकाब करेगा जो नकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। PM मोदी ने संसद में कहा है कि यह लड़ाई जारी रहेगी, और BJP तथा NDA के सदस्य तब तक इसे आगे बढ़ाएंगे जब तक महिलाओं को आरक्षण नहीं मिल जाता।
महिला आरक्षण और जनगणना के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा महिला आरक्षण बिल 2023 संसद में पारित हुआ था और इस पर किसी तरह का भ्रम या गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है। सपा सांसद ने आगे कहा कि सरकार को जनगणना का कार्य जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि जनगणना जातिगत आधार पर कराया जाना चाहिए। सपा नेता ने परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने और महिलाओं को आरक्षण देने की मांग दोहराई।
सांसद डिंपल यादव ने कहा नई सीटों के निर्माण के बाद ही प्रभावी रूप से आरक्षण लागू किया जा सकता है, सरकार को सुझाव देते हुए सपा MP ने कहा यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर है, तो मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू किया जा सकता है। महिला आरक्षण मुद्दे को डिंपल यादव ने बीजेपी के लिए केवल एक मुखौटा करार दिया और कहा सरकार परिसीमन से बचने के लिए जनगणना कराने में रुचि नहीं दिखा रही है
यह भी पढ़े -यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई, आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार
Created On :   24 April 2026 5:22 PM IST













