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नवरात्रि व्रत में खाने के लिए बनाएं  महाराष्ट्रियन डिश साबूदाना थालीपीठ

नवरात्रि व्रत में खाने के लिए बनाएं  महाराष्ट्रियन डिश साबूदाना थालीपीठ

डिजिटल डेस्क। नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें ज्यादातर लोग व्रत-उपवास रखते हैं। ऐसे में कई लोग सिर्फ फलाहार ही करते हैं और फलाहार में सबसे पहले नाम आता है साबूदाना का। तो क्यों न आज हम भी आपको साबूदाना की एक बहुत ही अच्छी रेसिपी बताएं। तो चलिए बताते हैं साबूदाना थालीपीठ रेसिपी। साबूदाना थालीपीठ एक महाराष्ट्रियन डिश है। इसे व्रत के दिनों में फलाहार के रूप में बना कर खा सकते हैं या इसके अलावा इसे नाश्ते या शाम के समय कम भूख के समय भी खाने के लिए भी बना सकते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • साबूदाना 1/2 कप भीगा हुआ
  • राजगीरा आटा 1/2 कप
  • 2 आलू उबले हुए
  • मूंगफली 1 टेबल स्पून दरदरी पिसी हुई
  • घी 2 टेबल स्पून
  • अदरक एक छोटा चम्मच कद्दूकस
  • हरी मिर्च  2 (बारीक कटी हुई)
  • हरा धनिया 1 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
  • जीरा 1/2 छोटी चम्मच
  • काली मिर्च पाउडर ताजा कुटा हुआ 1/4 छोटी चम्मच
  • सेंधा नमक 3/4 छोटी चम्मच

विधि
सबसे पहले आलू को छीलकर कद्दूकस करलें। अब इसमें सभी सामग्री मिला लें और इसे आटे की तरह गूंथ लें। इसके बाद थालीपीठ बनाने के लिए तवा गरम करें। चकले पर एक पॉलीथीन शीट रखें, हाथ में जरा सा घी लगाकर हाथों को चिकना करके, आटे की छोटी-छोटी गोल लोई बनाएं और उन्हें हाथों से चपटा करलें। अब चकले पर रखी पॉलीथीन की शीट पर लोई को रखें और इसमें थोड़ा सा घी लगाएं। अब इसे पॉलीथीन की शीट से कवर कर दें। फिर लोई को बेलन से या हाथों से हल्का हल्का प्रेस करें करीब 3 से 4 इंच के व्यास तक। 

अब गरम तवे पर थोड़ा घी डालकर चारों ओर लगा दीजिये, बेली हुई थालीपीठ को पॉलीथीन शीट से हटाकर तवे पर डाल दीजिए। थालीपीठ के बीच में एक छेद कर दीजिए और इस छेद में घी डालें और थालीपीठ के चारों ओर भी थोड़ा सा घी डाल दीजिए। जब थालीपीठ का कलर थोड़ा ऊपर से डार्क हो जाए तो इसे पलट दीजिए और दोनों ओर से अच्छे तरह सिक जाने पर इसे प्लेट में निकाल लीजिए। इसी तरह से सभी थालीपीठ बनाकर तैयार कर लीजिए। इतने आटे में लगभग 8 थालीपीठ बनकर तैयार हो जाएंगे। साबूदाना थालीपीठ को आप दही या हरे धनिये की चटनी के साथ परोसिये ये बहुत ही स्वादिष्ट लगते हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।